गुरुग्राम। अरावली को अपनी आरामगाह समझने वालों पर अब कानून की मार पड़ने में ज्यादा देर नहीं है। वन विभाग ने अरावली में ड्रोन सर्वे पूरा कर लिया है। मानेसर के मामूली हिस्से में तकनीकी और रक्षा कारणों से सर्वे नहीं हो पा रहा था, उसकी भी मंजूरी मिल गई है।
अब ड्रोन की डीवीआर से फोटोग्राफी और वीडियो फुटेज लेकर अवैध कब्जों को चिह्नित कर उनके मालिकों को नोटिस देकर कार्रवाई की चेतावनी दी जाएगी। खास बात यह है कि वन विभाग पूरी सावधानी और कानूनी बारीकियों के मद्देनजर अरावली के अवैध कब्जों को चिह्नित करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए फुटेज के साथ साथ खसरा नंबर आदि का मिलान भी किया जाएगा। वन विभाग के मुताबिक किसी भी कानूनी पचड़े में पड़ने से पहले तमाम तैयारियों के साथ ही कब्जाधारियों को नोटिस दिया जाएगा। बाद में अगर कोई कोर्ट की शरण लेता है तो विभाग पूरे दमखम के साथ अपने साक्ष्य पेेश करने में कोई दिक्कत नहीं उठाना चाहता।
सही गलत के आकलन के बाद दिए जाएंगे नोटिस
वन मंडल अधिकारी राजीव तेजयान के अनुसार सर्वे पूरा हो गया है। अब रिपोर्ट के बाद अवैध कब्जों को चिह्नित कर नोटिस देने का दौर शुरू किया जाएगा। इस बीच विभाग सोहना और मानेसर क्षेत्र में साढ़े चार सौ से अधिक नोटिस दे चुका है। इनमें विभिन्न तरह के कब्जे हैं। उन्होंने कहा कि नोटिस के बाद जो जवाब दाखिल होंगे उनका आकलन किया जाएगा। वन विभाग अपने किला और खसरा नंबर से मिलान करने के बाद भी नोटिस जारी करेगा। अभी तक जिनकों को भी नोटिस जारी किए गए हैं, उनमें इस बात का विशेष ख्याल रखा गया है।
कानून विशेषज्ञ करेंगे नियुक्त
राजीव तेजयान ने कहा कि जो भी कार्रवाई होगी वो कानून के मुताबिक होगी। शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में 20 साल से मकान और दुकान मालिकों के मसले पर उन्होंने कहा कि इसके लिए कानून विशेषज्ञ नियुक्त करेंगे। उनसे पूरे मामले का गहन अध्ययन करने के बाद ही कार्रवाई पर आगे बढ़ेंगे। आगे भी जो कार्रवाई होगी वह कानून के हिसाब से ही होगी।
गुरुग्राम क्षेत्र में 100 से अधिक नोटिस
इस बीच वन विभाग ने नोटिस देने का सिलसिला तेज कर दिया है। पहले से चिह्नित अवैध कब्जों को वन विभाग लगातार नोटिस दे रहा है। गुरुग्राम में इनकी संख्या सौ से अधिक है। अकेले सोहना क्षेत्र में करीब साढ़े तीन सौ नोटिस दिए जा चुके हैं। मानेसर और सोहना क्षेत्र में अधिकांश रिहायसी कॉलोनियों में अवैध कब्जे के नोटिस थमाए गए हैं। अब ड्रोन की डीवीआर की रिपोर्ट से अवैध कब्जे चिह्नित कर उन्हें नोटिस देेने का सिलसिला शुरू किया जाएगा।