फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संतोष विवि का संचालक परिवार संग भाग सकता है विदेश

विज्ञापन
विज्ञापन
गुरुग्राम। संतोष विश्वविद्यालय के संचालक के तार कई देशों से जुड़े हैं। डीएलएफ फेज तीन की पुलिस को अंदेशा है कि संतोष विवि के संचालक परिवार के साथ विदेश भाग सकता है। इसके बाद एसीपी डीएलएफ की सिफारिश पर डीसीपी ईस्ट ने लुक आउट नोटिस जारी किया है। इसकी जानकारी सीआईडी के चीफ को भेज दी गई है।
विज्ञापन

पुलिस ने फरार चल रहे आरोपी पी महालिंगम, डॉ.पीएन नारंगम, बेटी शर्मिला आनंद व संतोष ट्रस्ट की संचालिका का डिटेल बीओ इमीग्रेशन में भेजा गया है। यह पत्र पूरे विवरण के साथ भेजा गया है। इसमें पासपोर्ट सहित अन्य जानकारी दर्ज की गई है। वहीं एक पत्र प्रदेश के सीआईडी चीफ को भेजी गई है।
बता दें कि पीएम फिनकैप लिमिटेड के निदेशक राजेश गुलाटी ने दो जुलाई को डीएलएफ फेज-तीन थाना पुलिस को संतोष संस्था के पदाधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत दी थी। इसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि मैसर्स एसीबी(इंडिया ग्रुप) की नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी से मार्च 2015 में राजनीतिक और अन्य प्रसिद्ध हस्तियों के साथ फोटो दिखाकर व अन्य साजिशों के तहत उनकी कंपनी से 35 करोड़ रुपये का ऋण लिया था। इस पर 24 प्रतिशत ब्याज दर देने को कहा था। इसके साथ ही जिन कमरों को बेचकर कंपनी पैसा लेना चाहती थी। उसे भी जीडीए ने बेचने के दौरान कॉमन एरिया को पार्ट में बेचने से मना कर दिया था।
विज्ञापन

संचालक का बेटा पुलिस हिरासत मेें पहुंचा त्रिवेंद्रम
35 करोड़ के गबन के मामले की जांच के दौरान पांच दिन की पुलिस रिमांड डॉ. संतोष महालिंगम की बढ़ा दी गई है। उसकी निशानदेही के बाद चेन्नई से फर्जी दस्तावेज भी बरामद किया जा चुका है। एडवोकेट प्रशांत यादव ने बताया कि उसकी केरल में कुछ रिश्तेदार रहते हैं। जिनके पास उसने कुछ कागजात छुपा रखने की बात कबूली है। शुक्रवार को उसे त्रिवेंद्रम ले गया है। पुलिस टीम उसकी निशानदेही पर दबिश दे रही है।
संतोष यूनिवर्सिटी के संचालकों की ओर से किए गए गबन की जांच में परिवार वालों ने सहयोग नहीं किया। पुलिस धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच कर रही है। उसके विदेश भाग जाने के संकेत मिले थे। जिसके बाद पुलिस की ओर से लुक आउट नोटिस जारी करा दिया गया है।
विज्ञापन

करण गोयल , एसीपी डीएलएफ, गुरुग्राम।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें