गुरुग्राम। अधीक्षण अभियंता (एसई) रमेश शर्मा की बहाली की मुद्दा एक बार फिर से जोर पकड़ रहा है। इसी क्रम में नगर पालिका कर्मचारी संघ की अगुवाई में निगम कर्मचारियों ने एसई की बहाली के लिए शुक्रवार को प्रदर्शन किया। इसके साथ ही कर्मचारियों ने नगर निगम के पुराने कार्यालय से अग्रवाल धर्मशाला होते हुए रैली भी निकाली। वहीं फर्रुखनगर में भी नगरपालिका कर्मचारी संघ की अगुवाई में कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया।
इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार व निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। मालूम हो कि एसई की निलंबन बहाली को लेकर निगमायुक्त ने पहले 15 सितंबर तक निर्णय लेने की बात कही थी। बाद में 15 सितंबर को ही कर्मचारी यूनियन के साथ बैठक कर अगले 20 सितंबर तक का समय मांगा था, लेकिन इस अवधि में भी निगमायुक्त की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद शुक्रवार से निगम कर्मचारियों ने फिर से प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
वहीं मामले को लेकर निगमायुक्त की तरफ से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। निगमायुक्त के रुख को देखकर नहीं लगता कि एसई की निलंबन बहाली को लेकर जल्द कोई निर्णय लिया जाएगा। नगर निगम की इंजीनियर्स यूनियन व इंजीनियरिंग विंग के अन्य अधिकारियों ने भी इस पूरे मामले से दूरी बना ली है। वहीं नगरपालिका कर्मचारी संघ इसी बहाने आंदोलन, धरना-प्रदर्शन कर अपनी लंबित मांगों को भी उठा रहा है।
काले झंडे और झाड़ू लेकर निकाली रैली
कर्मचारियों ने पुराने निगम कार्यालय से हाथों में काले झंडे व झाड़ू लेकर रैली निकाली। इस दौरान नगरपालिका कर्मचारी संघ के प्रधान रामसिंह व राज्य सचिव नरेश मलकट समेत अन्य नेता शामिल हुए। नरेश मलकट ने कहा कि नगर निगम गुरुग्राम से तुगलकी फरमान जारी करते हुए रमेश शर्मा को निलंबित कर दिया गया। इसका संघ विरोध करता है।
अन्य मांगें भी दोहराई
एसई की निलंबन बहाली के साथ ही छंटनी किए गए कर्मचारियों को वापस ड्यूटी पर लेने, ठेकेदारी प्रथा को समाप्त कर विभाग रोल पर करने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने समेत अन्य मांगों को दोहराया। कर्मचारियों ने समय रहते मांग को पूरा करने की बात कहते हुए ऐसा न होने की स्थिति में हड़ताल करने की चेतावनी दी। हालांकि, कर्मचारियों के आंदोलन व धरना प्रदर्शन का निगम प्रशासन पर कोई असर नहीं दिखाई दे रहा है। यही वजह है कि शुक्रवार को भी निगमायुक्त की तरफ से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।