- नगर निगम के अलग-अलग अधिकारियों को सौंपी गई है जिम्मेदारी
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। अक्तूबर की शुरुआत से ही शहर की वायु गुणवत्ता में गिरावट आनी शुरू हो गई है। नगर निगम ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) के प्रावधानों को लागू करने के लिए टीमों का गठन किया हैं। यह टीमें शहर के अलग-अलग स्थानों पर जाकर प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों की निगरानी कर रही हैं। कुछ मामले सामने आए हैं इनसे जुड़े लोगों को फिलहाल सख्त चेतावनी दी गई है।
नगर निगम क्षेत्र में अलग-अलग अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपीं गई हैं। निगम की पर्यावरण एवं स्थिरता शाखा द्वारा प्रतिबंधों की निगरानी की जा रही हैं। प्रतिबंध के तहत निर्माण एवं तोड़फोड़ गतिविधियों की निगरानी के लिए कार्यकारी अभियंता (सीएंडडी वेस्ट) तथा सहायक अभियंता (अतिक्रमण) को नियुक्त किया गया है। इस चरण में 500 वर्ग मीटर प्लॉट एरिया से अधिक वाली साइटों को वेब पोर्टल पर पंजीकृत करवाना है। धूल को उड़ने से रोकने के प्रबंध सुनिश्चित करने को कहा है। नगर निगम की ओर से निगरानी के लिए कार्यकारी अभियंता (सीएंडडी वेस्ट), वरिष्ठ सफाई निरीक्षक (मुख्यालय), कार्यकारी अभियंता (बागवानी) और एसएसआई (मुख्यालय) को नियुक्त किया है। साथ ही तंदूर में कोयला व लकड़ी के उपयोग पर भी प्रतिबंध लगा दिया है।
वायु की गुणवत्ता - एक्यूआई
सेक्टर 51- 226
टेरीग्राम- 186
विकास सदन- 98
एयरोसिटी-156
अरावली पार्क- एंट्री- 153
अरावली पार्क नर्सरी एंड- 154
आर्य नगर- 178
वेलिडेयर टावर- 156