गुरुग्राम। ग्वाल पहाड़ी गांव में बनाए गए अवैध तीन फार्म हाउस मामले में फैसला अब 13 सितंबर को आएगा। जिला अदालत से मिले स्टे के बाद इस मामले पर सुनवाई हो रही थी, जो तीन सितंबर को पूरी हो चुकी है। इस पर मंगलवार को फैसला सुनाया जाना था। अदालत ने अब फैसला सुनाने के लिए 13 तारीख दे दी है।
फरीदाबाद के खोरी में अरावली में हुए अवैध निर्माण पर सख्त हुए सुप्रीम कोर्ट ने यहां से तमाम तरह के अवैध कब्जे या निर्माण हटाने के निर्देश वन विभाग को दिए थे। उसके बाद से वन विभाग अरावली में ऐसे निर्माण चिह्नित कर उन्हें नोटिस दे रहा है। ग्वाल पहाड़ी में बने ऐसे करीब 35 फार्म हाउस को वन विभाग ने नोटिस दिया था। इनमें से 18 को वन विभाग ध्वस्त कर चुका है। तीन फार्म हाउस मालिकों ने निचली अदालत में याचिका दायर कर उन पर स्टे ले लिया था। इन्हीं पर अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रखा है। वन विभाग के गुरुग्राम रेंज अधिकारी कर्मवीर सिंह मलिक ने बताया कि 13 तारीख को फैसले के बाद ही तय हो पाएगा कि इनके खिलाफ किस तरह की कार्रवाई की जानी है।
10 पर फैसला अगले माह
रेंज ऑफिसर कर्मवीर मलिक के अनुसार ग्वाल पहाड़ी में 10 और फार्म हाउस पर अभी सुनवाई चल रही है। उन सभी पर अगले महीने फैसला आएगा। उन्होंने बताया कि तीन को नोटिस सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश के तहत दिया गया, जबकि 30 से अधिक को एनजीटी की गाइडलाइन के बाद नोटिस दिया गया था। इन नोटिस के बाद इनमें से 10 फार्म हाउस मालिकों ने जिला अदालत से स्टे ले लिया था। जिन पर स्टे नहीं था, ऐसे 18 फार्म हाउस अगस्त महीने के आखिरी सप्ताह में तोड़ दिए गए हैं।
सोहना और गुरुग्राम रेंज में 300 नोटिस जारी
सुप्रीम कोर्ट के नए निर्देशों के बाद वन विभाग ने सोहना और गुरुग्राम दोनों रेंज में 300 अवैध निर्माण ध्वस्त करने को नोटिस जारी किए हैं। इनमें अकेले गुरुग्राम रेंज में 150 से अधिक अवैध निर्माण के खिलाफ नोटिस दिए जा चुके हैं। ये नोटिस ग्वाल पहाड़ी में दिए नोटिस से अलग हैं। इनमें शिकोहपुर, कासन, मानेसर के अवैध निर्माण और कब्जे शामिल हैं। रेंज अधिकारी कर्मवीर मलिक ने कहा कि अदालत के फैसले के बाद ही अब आगे की रणनीति बनाई जाएगी। तब तक नोटिस देने का सिलसिला जारी रहेगा। उन्होंने कहा अभी नोटिस नहीं दिए जा रहे हैं। ड्रोन सर्वे की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। उस रिपोर्ट के बाद जहां-जहां अवैध कब्जे और निर्माण होंगे, उन्हें नोटिस देकर अगली कार्रवाई की जाएगी।