गुरुग्राम। पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। विशेष पीएमएलए अदालत ने उनके खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से दाखिल मनी लॉन्ड्रिंग मामले में संज्ञान ले लिया है।
अदालत ने माना कि संजीव अरोड़ा और उनकी कंपनी हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड के खिलाफ प्रथम दृष्टया अपराध का मामला बनता है। अब इस मामले में अगली सुनवाई दो नवंबर को होगी।
यह आदेश विशेष अदालत एवं जिला सत्र एवं न्यायाधीश नरेंद्र सूरा की अदालत ने दिया है। ईडी ने संजीव अरोड़ा को 9 मई 2026 को चंडीगढ़ स्थित उनके सरकारी आवास पर छापेमारी के बाद गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें गुरुग्राम की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया था। अदालत ने उन्हें पहले ईडी की हिरासत में भेजा था और बाद में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वह गुरुग्राम की भोंडसी जेल में न्यायिक हिरासत में बंद हैं।
ईडी की जांच गुरुग्राम स्थित हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड से जुड़े कथित फर्जी मोबाइल फोन खरीद और निर्यात लेन-देन पर केंद्रित है। वर्ष 2023 में करीब 157.12 करोड़ के मोबाइल फोन की बिक्री दिखाई गई, जिसमें लगभग 102.50 करोड़ के निर्यात का मामला दो दुबई स्थित कंपनियों से जुड़ा बताया गया है।
जांच एजेंसी का आरोप है कि इस प्रक्रिया में फर्जी बिल, शेल कंपनियों और कथित तौर पर गलत तरीके से जीएसटी लाभ लेने का इस्तेमाल किया गया।