गुरुग्राम। नए गुुरुग्राम में कोरोना वायरस पैर पसार रहा है। स्वास्थ्य विभाग की जांच में घाटा, तिगरा और चंद्रलोक के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र में ही कोरोना फैलने की पुष्टि हो रही है। विभाग ने यहां जांच का दायरा बढ़ा दिया है। आसपास के निजी अस्पताल प्रबंधन को अधिक से अधिक जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि जांच बढ़ाकर असल स्थिति का पता लगाया जा सके।
जिले में प्रतिदिन 195 से अधिक मरीज मिल रहे हैं। इनमें से 90 फीसदी मरीज इन तीन पीएचसी से संबंधित क्षेत्र में ही हैं। फिलहाल यहां विभाग की ओर से कंटेनमेंट जोन नहीं बनाए हैं। लोगों को मौखिक तौर पर सावधानियां बरतने को कहा गया है। कंटेनमेंट जोन के लिए क्षेत्रों का चयन करने की प्रक्रिया स्वास्थ्य विभाग ने शुरू कर दी है। उपायुक्त से अनुशंसा कर जल्द ही कंटेनमेंट जोन भी घोषित कर दिए जाएंगे। इसके साथ ही इन क्षेत्रों में बाहरी व्यक्तियों की आवाजाही पर भी पाबंदी लगाई जा सकती है।
इस समय कोरोना की रफ्तार लगातार बढ़ रही है। इस समय जिले की संक्रमण दर 5.97 फीसदी है। सबसे अधिक मरीज डीएलएफ एरिया में ही मिल रहे है। अधिकांश डीएलएफ एरिया इन तीन पीएचसी के अधीन ही कवर होता है। यहां प्रसार फैलने का कारण भी स्वास्थ्य विभाग की समझ से परे हैं। हैरानी की बात यह है कि अधिकांश मरीज अपना टीकाकरण भी करा चुके हैं। कोरोना के जिला निगरानी अधिकारी डॉ. जेपी राजलीवाल के अुनसार इन क्षेत्रों में सबसे अधिक मरीज मिल रहे है। यहां कोरोना के सबसे अधिक प्रसार को लेकर तमाम पहलुओं से जांच की जा रही है। इतना तय है कि वायरस का नया म्यूटेंट नहीं है।
मंगलवार को मिले 196 नए मरीज
मंगलवार को जिले में 196 नए मरीज मिले हैं, जबकि 109 मरीज स्वास्थ्य हुए। अब जिले में कुल 868 मरीज संक्रमित हैं। इनमें से 860 मरीज घर पर रहकर अपना ईलाज करा रहे हैं। मंगलवार को 3,323 संदिग्ध मरीजों की जांच की गई। इस आंकड़े से यह साफ हो रहा है कि जिले में संक्रमित होने वाले मरीजों की संख्या के सामने ठीक होने वाले मरीजों की संख्या कम हो रही है।
सोमवार को 198 नए मरीज मिले तो 136 ठीक हुए थे। सिविल सर्जन डॉ. विरेंद्र यादव ने कहा कि लोगों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है। लोग सावधानी बरतें। उन्होंने कहा कि अभी स्थिति पूरे नियंत्रण में हैं। विभाग ने अपनी ओर से सभी तैयारियां कर ली हैं। गुरुग्राम में मरीज बढ़ने के कोई पुख्ता कारण अभी सामने नहीं आए हैं। जल्द ही इसका पता लगाकर रोकथाम के ज्यादा बेहतर प्रयास किए जाएंगे। निजी अस्पतालों को जांच के लिए कहा गया है। टीकाकरण और जांच की रफ्तार बढ़ाई गई है। हमारे पास किसी भी हालत से निपटने के माकूल बंदोबस्त हैं। सरकारी केंद्रों के अलावा 85 अस्पतालों के माध्यम से टीकाकरण कराया जा रहा है। अस्पतालों में 3,735 बिस्तर मे से 2,896 बिस्तर उपलब्ध हैं। इसी तरह 2,715 ऑक्सीजन बेड में से 2,219 उपलब्ध हैं, आईसीयू बेड 759 में 510 खाली है। 261 वेंटीलेटर में 167 मौजूद हैं।