उपभोक्ता आयोग से-
- कोलकाता से ग्रेटर नोएडा पहुंचाना था फर्नीचर, जिला उपभोक्ता आयोग ने सुनाया फैसला
- डिलीवरी के समय 93 में से छह सामान मिले गायब, कई फर्नीचर क्षतिग्रस्त
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। पैकेजिंग मूवर्स डीआरएस दिलीप रोड लाइंस की लापरवाही से सामान क्षतिग्रस्त होने और छह आइटम गुम होने के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने कंपनी को 6.69 लाख रुपये देने का आदेश दिया है। इसमें सामान की कीमत, क्षतिग्रस्त फर्नीचर का नुकसान, सेवा शुल्क, मानसिक परेशानी और कानूनी खर्च शामिल हैं। आयोग के अध्यक्ष संजीव जिंदल ने यह आदेश दिया।
नई दिल्ली के हौजखास निवासी अभिषेक भटनागर और मोक्षदा जैन ने आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 93 फर्नीचर आइटम कोलकाता से ग्रेटर नोएडा पहुंचाने और सुरक्षित रखने के लिए कंपनी की सेवा ली थी। करीब एक साल तक फर्नीचर कंपनी के पास रखा रहा। बाद में जानकारी मिली कि उनकी सहमति के बिना सामान को कोलकाता से गुरुग्राम स्थित वेयरहाउस में स्थानांतरित कर दिया गया। अप्रैल 2021 में पूरी फीस लेने के बाद सामान की डिलीवरी की गई।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, डिलीवरी के समय 93 में से केवल 87 सामान मिले और छह आइटम गायब थे। फर्नीचर का बड़ा हिस्सा टूटा और क्षतिग्रस्त हालत में मिला। इसके लिए उन्होंने कंपनी को सामान पहुंचाने और स्टोर करने के 2.18 लाख रुपये दिए थे।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद आयोग ने कंपनी को 2.18 लाख रुपये नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ लौटाने का आदेश दिया। क्षतिग्रस्त फर्नीचर के नुकसान के लिए 3.49 लाख, छह गुम सामान के लिए 50 हजार, मानसिक परेशानी के लिए 30 हजार और कानूनी खर्च के लिए 22 हजार रुपये देने को कहा गया है।