1 अक्तूबर से स्कूलों में शुरू होगा निपुण रामलीला का अभ्यास, नन्हे कलाकार दिखाएंगे रामलीला का हुनर
52 हजार छात्र लेंगे हिस्सा
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिले में निपुण हरियाणा मिशन के तहत सभी राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में निपुण रामलीला का आयोजन किया जाएगा। विभाग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार विद्यालयों में 29 सितंबर से 19 अक्तूबर तक किसी भी कार्यदिवस में रामलीला करवाई जा सकेगी। इसके लिए विद्यार्थियों को रोल प्ले के माध्यम से संवाद बोलने, पढ़ने और अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने का अभ्यास कराया जाएगा।
जिले में करीब 365 राजकीय प्राथमिक विद्यालयों के कक्षा पहली से पांचवीं तक के छात्र लेंगे। इससे करीब 52 हजार छात्रों को रामलीला में भाग लेने का मौका मिलेगा। रामलीला की तैयारी के लिए विद्यालयों में एक अक्तूबर से अभ्यास शुरू करवाया जाएगा। पहली से दूसरी कक्षाओं के विद्यार्थियों को छोटे संवाद दिए जाएंगे, जबकि तीसरी से पांचवीं कक्षाओं के विद्यार्थियों को अपेक्षाकृत बड़े संवाद और भूमिकाएं दी जाएंगी। रामलीला के संवाद कक्षा-6 के बाल राम कथा से लिया जाएगा। इसमें धारा प्रवाह के साथ बोलना एवं शुद्ध उच्चारण शामिल हो। बच्चों के स्तर को ध्यान में रखते हुए हिंदी और अंग्रेजी भाषा का प्रयोग किया जाएगा।
अभिभावकों को भी किया जाएगा शामिल
रामलीला में रोल प्ले के लिए विद्यार्थियों की वेशभूषा और रंगमंच की सामग्री बिना किसी लागत के स्थानीय स्तर पर प्राप्त कराई जाएगी। इसके लिए विद्यार्थियों के माता-पिता, अभिभावक, समुदाय और एसएमसी सदस्यों का सहयोग लिया जाएगा। निपुण रामलीला देखने के लिए माता-पिता और समुदाय के सदस्यों को स्कूल में आमंत्रित किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन होगा। शिक्षक चाहें तो तैयारी के लिए अभिभावकों और समुदाय के लोगों की सहायता ले सकते हैं।
6 नवंबर तक होगी जिला स्तरीय निपुण रामलीला
जिला स्तरीय निपुण रामलीला का आयोजन 6 नवंबर तक किया जाएगा। इसके लिए 21 से 30 अक्तूबर के बीच क्लस्टर, खंड और जिला स्तर पर प्रस्तुतियों का चयन किया जाएगा। विद्यालय स्तर पर आयोजित रामलीलाओं में से तीन सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुतियों को जिला स्तर पर प्रस्तुति के लिए बुलाया जाएगा। इनका मूल्यांकन डब्ल्यू/एडीसी के नेतृत्व में किया जाएगा। जिला स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली रामलीला को पांच हजार, द्वितीय को तीन हजार और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली प्रस्तुति को दो हजार रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी।
वर्जन
निपुण रामलीला का उद्देश्य बच्चों में पढ़ने, बोलने और संवाद प्रस्तुत करने का आत्मविश्वास बढ़ाना है। रोल प्ले के माध्यम से विद्यार्थियों को बोलने और शुद्ध उच्चारण का अभ्यास कराया जाएगा। विद्यालय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को जिला स्तरीय मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। -सुमिता रांगी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी