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Gurugram News: रसायन के बाद ही भौतिकी की परीक्षा, समय प्रबंधन की अग्निपरीक्षा

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- विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों की बढ़ी चुनौती, शिक्षकों ने अभी से रिवीजन और मॉडल पेपर पर दिया जोर
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। यूपी बोर्ड की परीक्षाओं का कार्यक्रम जारी होने के बाद विद्यार्थियों ने तैयारी तेज कर दी है। हालांकि, इंटरमीडिएट विज्ञान वर्ग के प्रमुख विषयों की परीक्षाओं के बीच कम अंतराल ने छात्रों की चिंता बढ़ा दी है। रसायन विज्ञान के बाद भौतिक विज्ञान की परीक्षा होने से विद्यार्थियों को दोनों विषयों का पाठ्यक्रम पहले ही पूरा करना होगा। ऐसे में शिक्षक नियमित अभ्यास, महत्वपूर्ण अध्यायों के दोहराव और मॉडल पेपर हल करने पर जोर दे रहे हैं।

इंटरमीडिएट में 15 फरवरी को रसायन विज्ञान और 17 फरवरी को भौतिक विज्ञान की परीक्षा निर्धारित है। दोनों परीक्षाओं के बीच कम समय मिलने के कारण विद्यार्थियों के लिए अंतिम दिनों में पूरे पाठ्यक्रम का रिवीजन करना चुनौतीपूर्ण होगा। ऐसे में छात्रों को अभी से विषयवार समय सारिणी बनाकर तैयारी करनी होगी।
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महत्वपूर्ण अध्यायों के रिवीजन पर जोर :
शिक्षक राकेश ने बताया कि परीक्षा के अंतिम दिनों में पूरा पाठ्यक्रम दोबारा पढ़ने के बजाय महत्वपूर्ण अध्यायों, सूत्रों, रासायनिक अभिक्रियाओं और संख्यात्मक प्रश्नों के अभ्यास पर ध्यान देना चाहिए। गणित और भौतिक विज्ञान में नियमित सवाल हल करने से प्रश्नपत्र निर्धारित समय में पूरा करने की आदत विकसित होती है। वहीं, रसायन विज्ञान में महत्वपूर्ण अभिक्रियाओं और सूत्रों का बार-बार दोहराव जरूरी है।
कुमारी मायावती राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ. छवि सिंह ने बताया कि विद्यार्थियों को परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार समय सारिणी बनाकर पढ़ाई करनी चाहिए। कठिन विषयों और महत्वपूर्ण अध्यायों को प्राथमिकता देने के साथ मॉडल पेपर हल करने से प्रश्नपत्र के प्रारूप को समझने और समय प्रबंधन में मदद मिलती है। परीक्षा के बीच मिलने वाले अवकाश पर निर्भर रहने के बजाय दोनों विषयों की तैयारी पहले से पूरी रखनी चाहिए।
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जनगणना ड्यूटी से पहले कोर्स पूरा कराने की तैयारी :
दिसंबर में जनगणना का दूसरा चरण शुरू होने की जानकारी के बीच शिक्षकों पर भी पाठ्यक्रम समय से पूरा कराने का दबाव है। करीब 80 प्रतिशत शिक्षकों की जनगणना में ड्यूटी लगने की बात कही जा रही है। ऐसे में शिक्षक कक्षाओं में पाठ्यक्रम पूरा कराने के साथ महत्वपूर्ण सवालों का अभ्यास और रिवीजन करा रहे हैं, ताकि विद्यार्थियों को परीक्षा से पहले पर्याप्त तैयारी का समय मिल सके।
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