गुरुग्राम। एमजीएफ कंपनी ने अपनी पुरानी पार्टनर कंपनी एम्मार इंडिया पर साजिश के तहत फर्जी दस्तावेज तैयार करने का आरोप लगाया है। आरोप है कि एमजीएफ की दो सहयोगी कंपनियों के नाम पर करोड़ों रुपये की जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन पर एक अन्य कंपनी के साथ कोलेबोरेशन एग्रीमेंट तैयार कर रेरा लाइसेंस के लिए आवेदन कर दिया। आर्थिक अपराध शाखा की जांच के बाद डीएलएफ फेज-1 थाना में साजिश के तहत फर्जी दस्तावेज तैयार करने और ठगी के आरोप में मामला दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार एमजीएफ कंपनी की ओर से सुनील यादव ने दी शिकायत में बताया कि एमजीएफ की दो अन्य सहयोगी कंपनियां मैसर्स तुषार प्रोजेक्ट लिमिटेड और मैसर्स कैसोक प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड हैं। आरोप है कि पूर्व पार्टनर दुबई की कंपनी एम्मार इंडिया लिमिटेड ने एमजीएफ की दोनों सहयोगी कंपनियों के अधिकारियों से मिलीभगत कर फर्जी दस्तावेज तैयार करके इनके नाम मौजूद करोड़ों की जमीन पर कोलेबोरेशन एग्रीमेंट किया । आरोप है कि एम्मार ने इन दोनों सहयोगी कंपनी के फर्जी बोर्ड मीटिंग के दस्तावेज तैयार कर कुछ अपने लोगों को साइन व अन्य कार्रवाई के लिए अधिकृत कर दिया। इसके बाद इन कंपनी के नाम पर मौजूद जमीन पर रेरा लाइसेंस भी आवेदन किया। इन कंपनियों के नाम नखडौला, खेड़कीदौला व खेड़की माजरा गांव में करीब 5 एकड़ जमीन है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि एम्मार के खिलाफ पहले से कई मामले रेरा समेत अन्य अदालत में ग्राहकों ने डाल रखा है। शिकायतकर्ता की कंपनी की सहयोगी कंपनियों की जमीन पर फर्जी तरीके से लाइसेंस लेकर आगे भी ऐसी समस्या ग्राहकों के साथ आएंगी। शिकायत पर डीएलएफ फेज-1 थाना में एम्मार के ग्रुप सीईओ समेत अन्य अधिकारियों व एमजीएफ की दो सहयोगी कंपनियों के अधिकारियों को मिलाकर 14 नामजद व अन्य अज्ञात के खिलाफ यह एफआईआर दर्ज की गई है। डीएलएफ फेज-1 थाना एसएचओ एसआई मुनेश ने बताया कि आर्थिक अपराध शाखा की जांच के बाद मामला दर्ज किया है। डीएलएफ फेज वन थाना पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद अगली कार्रवाई के फाइल अपराध शाखा को भेज दी है।