गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण ने की कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) के अतिक्रमण हटाओ अभियान के दूसरे दिन करीब 16 किलोमीटर सड़क क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। 12 टीमों ने 36 अधिकारियों-कर्मचारियों और 14 बुलडोजर के साथ शहर के अलग-अलग हिस्सों में कार्रवाई की। सोमवार और मंगलवार को 31 किमी सड़क को अतिक्रमण से मुक्त कराया। पहले दिन 350 कब्जे हटाए गए।
जीएमडीए के सीईओ पीसी मीणा के निर्देश पर शुरू हुए अभियान में पहले दिन पुराने गुरुग्राम पर विशेष ध्यान दिया गया। सड़कों, फुटपाथ, ग्रीन बेल्ट और सार्वजनिक राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) पर किए गए कब्जे हटाकर लोगों के लिए रास्ता बहाल किया गया। अभियान के तहत चर्च गेट से रेलवे स्टेशन तक ओल्ड रेलवे रोड, धनवापुर रोड, सेक्टर-4/9 और सेक्टर-5/6 की डिवाइडिंग रोड समेत कई मार्गों पर कार्रवाई की गई। इसके अलावा सेक्टर-81, 82, 82ए, 85, 86, 89, 90 और 93 के विभिन्न हिस्सों में भी अतिक्रमण हटाया गया।
कार्रवाई के दौरान सड़क और फुटपाथ की चौड़ाई कम करने वाले स्थायी कमरे, चहारदीवारी, पक्के शेड, खोखे, कियोस्क, निर्माण सामग्री और अन्य अस्थायी ढांचे हटाए गए। ओल्ड रेलवे रोड और धनवापुर रोड पर करीब 15-15 फीट तथा सेक्टर-4/7 की डिवाइडिंग रोड पर करीब 20 फीट सड़क क्षेत्र अतिक्रमण मुक्त कराया गया। ग्रीन बेल्ट में अतिक्रमण करने वालों पर भी कार्रवाई हुई। करीब 15 संपत्तियों में चहारदीवारी और अन्य निर्माण के जरिये ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में किए गए अवैध विस्तार को हटाया गया।
20 फीसदी अतिक्रमण लोगों ने खुद हटाया
डीटीपी एनफोर्समेंट आरएस बाठ के नेतृत्व में टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की। अधिकारियों ने बताया कि कई जगह समझाने के बाद लोगों ने खुद अतिक्रमण हटा लिया। दिनभर में चिन्हित उल्लंघनों में करीब 20 प्रतिशत अतिक्रमण लोगों ने स्वेच्छा से हटा दिए। कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों ने भी अभियान का समर्थन किया। करीब 100 लोगों ने सड़क और पैदल चलने की जगह बहाल होने पर जीएमडीए की कार्रवाई की सराहना की।
मलबा 24 घंटे में हटाना होगा
जीएमडीए ने अतिक्रमणकारियों को तोड़फोड़ के बाद बचा मलबा 24 घंटे के भीतर हटाने के निर्देश दिए हैं। ऐसा नहीं करने पर प्राधिकरण खुद मलबा हटाएगा और खर्च संबंधित अतिक्रमणकारी से वसूला जाएगा। जीएमडीए ने यह भी स्पष्ट किया है कि अतिक्रमण मुक्त कराए गए स्थानों की नियमित निगरानी की जाएगी, ताकि दोबारा कब्जा न हो।