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छह साल बाद छूटा बिजली चोरी के इल्जाम का दाग

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गुरुग्राम। बिजली विभाग ने मीटर में छेड़खानी करके बिजली चोरी का आरोप लगाते हुए एक उपभोक्ता पर एक लाख 9 हजार 255 रुपये का जुर्माना लगाया था, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। साथ ही जिला अदालत ने छह फीसदी ब्याज के साथ जुर्माने में वसूली गई राशि को वापस करने का फैसला सुनाया है।
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उपभोक्ता के अधिवक्ता संदीप मेहता और क्षितिज मेहता ने बताया कि 21 मई 2015 को बिजली विभाग ने गांव कोमा के रहने वाले बबलू पर मीटर से छेड़खानी का आरोप लगाते हुए एक लाख 9 हजार 255 जुर्माना लगाया था। जिसके बाद उपभोक्ता ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था। बबलू गांव में खेती का कार्य करता है। जिस कनेक्शन पर जुर्माना लगाया था, वह उसका घरेलू कनेक्शन था। विभाग के लोग उसका मीटर उतारकर ले गए थे। इसके बाद उससे कहा गया कि उसने मीटर के साथ छेड़खानी की है। इसी के साथ विभाग ने बबलू पर जुर्माना ठोक दिया था।
कनेक्शन न कटे, इस कारण बबलू ने जुर्माने की रकम जमा कर दी थी, लेकिन उसने विभाग के इस फैसले के खिलाफ अदालत का रुख किया। जिसके बाद अदालत ने 16 मई 2019 को उपभोक्ता बबलू के हक में फैसला सुनाया। उसे बिजली चोरी के इल्जाम से बरी करते हुए विभाग को आदेश दिया कि छह फीसदी की ब्याज की दर से जुर्माने की राशि उपभोक्ता को वापस की जाए।
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इसके बाद बिजली विभाग ने फिर से इस फैसले के खिलाफ अपर जिला जज के यहां पर अपील की। विभाग की इस अपील को भी खारिज कर दिया गया। अधिवक्ता क्षितिज मेहता ने बताया कि इससे पहले भी विभाग कई उपभोक्ताओं पर बिजली चोरी और मीटर से छेड़खानी का आरोप लगा चुका है लेकिन अदालत के आदेश के बाद उसे ब्याज सहित पैसा वापस करना पड़ा है।
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