गुरुग्राम। शहर में अब सीवरेज सफाई का काम मैनुअल की जगह मशीनों के माध्यम से होगा। कोई भी सीवर सफाई एजेंसी अगर सीवर सफाई का काम मैनुअली करते हुए पाई गई तो उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होगी। कोई भी व्यक्ति सीवर में घुसे सफाई कर्मी की फोटो लेकर संबंधित एजेंसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवा सकता है। सरकार द्वारा सीवरेज की मैनुअल सफाई पर प्रतिबंधित लगाया गया है। ऐसा करवाने वाले के खिलाफ सजा और जुर्माना, दोनों का ही प्रावधान है। पहली बार कानून का उल्लंघन करने पर 2 लाख रुपये का जुर्माना या दो साल की जेल और जुर्माना, दोनों ही हो सकते हैं। दूसरी बार उल्लंघन करने पर 5 लाख का जुर्माना या 5 साल की जेल और जुर्माना दोनों ही हो सकते हैं।
शुक्रवार को मशीनों से सीवर सफाई सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त आयुक्त डॉ. वैशाली शर्मा ने सीवरेज सफाई एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की, जिसमें सीवर सफाई का काम सिर्फ मशीनों से ही कराने के निर्देश दिए। बैठक में एजेंसी के प्रतिनिधियों ने कहा कि कुछ जगह ऐसी हैं जहां पर मशीन से सीवर की सफाई संभव नहीं हो पाती है। इस पर डॉ. वैशाली शर्मा ने कहा कि अगर कहीं ऐसी स्थिति आती है तो उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित कमेटी की पहले स्वीकृति ली जाए। साथ ही कर्मचारी को सभी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह सभी सुरक्षा एजेंसियों के पास सुरक्षा उपकरणों की जांच करें। कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिलवाएं। बैठक में अधीक्षक अभियंता विवेक गिल, जीएमडीए के कार्यकारी अभियंता विक्रम सिंह, सफाई मित्र सुरक्षा चैलेंज टीम से अनिता फलसवाल और मनप्रीत सिंह आदि मौजूद थे।