गुरुग्राम। बैडमिंटन खिलाड़ी नाबालिग किशोरी से छेड़छाड़ के विरोध में युवक की पीट-पीटकर के हत्या मामले में क्रॉस एफआईआर दर्ज हो गई है। यह एफआईआर सेक्टर-10 थाना में नाबालिग के पिता की शिकायत पर दर्ज हुई है। इसमें मृतक अनुज कुमार, उसके घायल साथी संजय समेत कुल चार को आरोपी बनाया है। हत्या मामले के साथ ही इस एफआईआर की जांच भी क्राइम ब्रांच के हवाले की गई है।
सेक्टर दस थाना क्षेत्र में यह वारदात सोमवार 2 अगस्त की दोपहर को हुई थी। सेक्टर-37सी स्थित हैरिटेज बैडमिंटन एकेडमी में दिल्ली से एक नाबालिग लड़की प्रशिक्षण लेती है। यहां पर बाइक सवार युवकों ने उसके साथ छेड़छाड़ की। लड़की किसी तरह वहां से बचकर निकली और अपने पिता को फोन पर बताया। दिल्ली से पिता ने यहां के कोच व एकेडमी संचालक को फोन कर इस बारे में शिकायत की और नाबालिग लड़की की सुरक्षा करने को कहा। जिस पर वहां से कोच व अन्य लड़की को अपनी कार में बैठाकर छेड़छाड़ वाली जगह ले गए। जहां पर बाइक सवार आरोपी तो नहीं दिखे लेकिन लड़की ने वहां खड़े दो मजदूरों की ओर इशारा कर कहा कि ये भी उस समय वहीं खड़े थे।
आरोपियों ने इन दोनों को जबरन कार में बैठा लिया और फिर संजय व अनुज को एकेडमी ले जाकर हाथ-पैर रस्सी व तार से बांधकर कई घंटों तक डंडों व सरियों से पीटा। अधिक पिटाई के चलते अनुज की मौत हो गई जबकि संजय को अस्पताल ले जाया गया। सेक्टर-10 थाना में एफआईआर मंगलवार को दर्ज कर एक आरोपी यूपी उन्नाव के मूल निवासी बिंदा और मंजीत को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि अन्य आरोपित अभी फरार चल रहे हैं जिनकी तलाश में क्राइम ब्रांच जुटी है। वहीं अब नाबालिग किशोरी के पिता ने भी पुलिस को शिकायत दी है। उनका कहना है कि 2 अगस्त को उनकी बेटी जब बैडमिंटन एकेडमी की ओर पैदल जा रही थी। पहले बाइक सवार एक युवक ने छेड़छाड़ की और फिर आगे जाकर उसके अन्य साथी मिल गए तो वहां 4 युवकों ने छेड़छाड़ और अपहरण का प्रयास किया। आरोप मृतक व उसके साथी संजय के अलावा दो अन्य युवकों राहुल व चंदन पर लगाया गया है। आरोपी उसे एक मकान में ले जाकर दुष्कर्म करना चाहते थे। लेकिन बेटी ने एक घर में घुसकर महिला की मदद से अपनी जान बचाई।
मुख्य आरोपी पहुंचा जेल
आठ दिन पहले बैडमिंटन एकेडमी में प्रशिक्षण ले रही नाबालिग से छेड़छाड़ की घटना के बाद युवक की पीट-पीट कर हुई हत्या के मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी मनजीत की तीन दिन की पुलिस रिमांड पूरी हो गई। सीआईए दस की टीम ने सोमवार को उसे अदालत में पेश किया। जहां पर अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भोंडसी जेल भेजा है।