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Gurugram News: वृंदावन के कलाकार बना रहे लड्डू गोपाल का झूला और फूल बंगला

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मंदिरों में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की साज सज्जा और तैयारियां जोरशोर से चल रहीं, मुंबई से भजन मंडलियां आएंगी
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संवाद न्यूज एजेंसी



गुरुग्राम। शहर के मंदिरों में सात सितंबर को श्रद्धा और उल्लास से श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा। शहर के विभिन्न मंदिरों में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की साज सज्जा और तैयारियां जोरशोर से चल रही हैं। कई मंदिरों में लड्डू गोपाल का झूला और फूल बंगला बनाने के लिए वृंदावन के कलाकार बुलाए गए हैं तो मुंबई से भजन मंडलियां आएंगी।
सेक्टर-45 स्थित इस्कॉन (इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्ण कांशियसनेस) मंदिर में इस बार जन्माष्टमी के मौके पर 2 जगह लड्डू गोपाल का झूलन रखा जाएगा ताकि भक्त उन्हें सुविधानुसार झुला सकें। इंडियन काउंसिल ऑफ कल्चरल रिलेशन के कलाकार और दो प्रमुख स्कूलों के छात्र यहां के मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे।
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मंदिर में गौ माता रहेगी ताकि लोग उनकी पूजा कर सकें। मंदिर प्रमुख अच्युत हरिदास ने बताया कि मंदिर की ओर से भक्तों के लिए पुख्ता सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। पूजन के कार्यक्रम में मंगला आरती, भोग आरती, कलश अभिषेक और मध्यरात्रि को महाभिषेक होगा। गुरुग्राम में 22 साल पहले रथ यात्रा के साथ इस्कॉन की गतिविधियों की शुरुआत हुई थी। सेक्टर 45 और बादशाहपुर में सेक्टर 72 स्थित इस्कॉन मंदिर से 40 हजार श्रद्धालु सीधे जुड़े हैं।

जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर चंद्रोदय मंदिर द्वारा 6 सितंबर की शाम ए. कन्वेंशन हॉल एंबियंस गोल्फ ड्राइव डीएलएफ फेज 3 में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। मंदिर के मीडिया संयोजक अर्जुन दास ने बताया कि बुधवार की शाम यहां झूलन, लड्डू गोपाल का अभिषेक, 6.30 बजे भजन संध्या और 8.30 बजे महाभिषेक होगा। 6 सितंबर को शाम 6.30 बजे ध्रुव शर्म और स्वर्णाश्री भजन प्रस्तुत करेंगी। सात सितंबर को इस मंदिर का मुख्य कार्यक्रम वृंदावन के चंद्रोदय मंदिर में होगा। गुरुग्राम स्थित श्रीकृष्ण चंद्रोदय मंदिर का निर्माण इस साल पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। जन्माष्टमी के बाद 8 सितंबर को इस्कॉन मंदिरों में इस्कॉन के संस्थापक श्री प्रभुपाद का अवतरण दिवस मनाया जाएगा।



प्रेम मंदिर में 108 झांकियां, भजन और सांस्कृतिक कार्यक्रम

ओल्ड रेलवे रोड स्थित प्रेम मंदिर में जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल के लिए फूल बंगला बनाया जाएगा। वृंदावन के कलाकार यहां फूलों की विशेष सज्जा करेंगे। मंदिर प्रबंधन से जुड़े अनिल आजाद ने बताया कि मंदिर श्री कृष्ण के जन्म से जुड़ी 108 झांकियां लगाई जाएंगी। मुंबई से आई भजन मंडली यहां श्री कृष्ण के जीवन पर आधारित नृत्य और संगीत के कार्यक्रम प्रस्तुत करेगी।
न्यू कॉलोनी स्थित गीता भवन मंदिर, सेक्टर 15 पार्ट -1 स्थित राधा कृष्ण मंदिर, सेक्टर 4 स्थित श्री कृष्ण मंदिर, ओल्ड दिल्ली रोड स्थित प्राचीन राधा कृष्ण मंदिर, गुरुद्वारा रोड स्थित श्री सिद्धेश्वर मंदिर, भूतेश्वर मंदिर, घंटेश्वर मंदिर, श्री प्रकाशपुरी मंदिर, सेक्टर 43 स्थित हनुमान मंदिर, रेलवे रोड स्थित सुदर्शन माता मंदिर, सेक्टर 56 स्थित सनातन धर्म मंदिर समेत शहर के सभी मंदिरों में जन्माष्टमी का उत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा।




सेक्टर-43 में बनेगा शहर का सबसे ऊंचा हरे कृष्ण मंदिर साइबर सिटी के अलावा जल्द ही गुरुग्राम की पहचान प्रदेश के आध्यात्मिक पर्यटन का केंद्र के रूप में भी होगी। यहां पर सेक्टर-43 में शहर का सबसे ऊंचा श्री हरे कृष्ण मंदिर बनने की शुरुआत हो रही है। इस्कान संस्था (बेंगलूरू) द्वारा 108 फीट ऊंचे इस मंदिर का निर्माण 50 हजार वर्ग गज में होगा। हरे कृष्ण मूवमेंट की ओर से किए जा रहे इस मंदिर के निर्माण से न केवल आध्यात्मिक उद्देश्य ही पूरा नहीं होगा बल्कि यह जरूरत मंद लोगों के लिए अन्नपूर्णा का भंडार भी बनेगा। यहां प्रतिदिन हजारों लोग भोजन कर सकेंगे।
डीएलएफ फेज-3 में जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर विशेष कार्यक्रम

हरे कृष्ण मूवमेंट द्वारा बुधवार को ए डॉट कान्वेंशन्स एंबियंस गोल्फ ड्राइव डीएलएफ फेज-3 में जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। वृंदावन के चंद्रोदय मंदिर की तरह दिल्ली एनसीआर के भक्तों के लिए मंदिर प्रबंधन की ओर से विशेष पूजन,भजन संध्या का आयोजन किया जा रहा है। यहां आकर जन्माष्टमी के दिन राधा-कृष्ण के दर्शन किए जा सकेंगे।
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ध्रुव शर्मा के भजनों पर झूमेंगे भक्त
प्रसिद्ध संगीतकार ध्रुव शर्मा अपनी पत्नी के साथ संकीर्तन में भाग लेंगे। भगवान के विभिन्न लीलाओं की प्रस्तुति शाम 6:30 बजे से रात 8:15 बजे तक होगी। गौड़ीय कीर्तन एवं महामंत्र कीर्तन में भक्त शामिल होंगे। उधर, 8:15 से लगातार मंदिर के स्वयंसेवकों द्वारा भजन पेश किए जाएंगे। 8:25 पर भक्तों का स्वागत एवं महासंकल्प कराया जाएगा। महाभिषेक में शामिल होंगे भक्तजन जन्माष्टमी उत्सव में महाभिषेक का महत्व सबसे ज्यादा है। इसके लिए विशेष तैयारियां भी की गई है।
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