गुरुग्राम। शहर की सबसे पहली निजी और प्लॉटेड कॉलोनी डीएलएफ के इसी महीने मई के अंत तक नगर निगम के आधीन हो जाने का दावा किया जा रहा है लेकिन इस काम में बिल्डर के रखरखाव का 70 करोड़ रुपये बकाया बाधक बना हुआ है। साथ ही बिल्डर की मंशा को लेकर भी सवाल उठाए जाते हैं क्योंकि यहां से वह 3.50 पैसे प्रति स्क्वायर फीट की मोटी दर से रखरखाव का शुल्क वसूल करता है।
हालांकि डीएलएफ को नगर निगम के आधीन करने के प्रस्ताव को नगर निगम सदन की बैठक में पारित किया जा चुका है। यहां से नगर निगम भी कुछ मदों में टैक्स वसूलता है और बिल्डर भी रखरखाव शुल्क वसूल करता है। नगर निगम के आधीन आने से यहां के रहने वालों को दोहरे कराधान से निजात मिलेगी। नगर निगम को सौंपने के लिए निगमायुक्त ने एक कमेटी भी गठित कर रखी है। इसी कमेटी के माध्यम से डीएलएफ प्रबंधन यहां के इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ पानी की आपूर्ति, पार्क, सीवरेज व्यवस्था, भवन, रोड, ओपन स्पेस आदि के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट नगर निगम को सौंपेगा।
डीएलएफ एक नजर में
-1983 में शहर की सबसे पहली निजी प्लॉटेड कॉलोनी विकसित की गई।
-39 साल पहले कंट्री एंड टाउन प्लानिंग डिपार्टमेंट ने इसका लाइसेंस जारी किया था।
- 02 लाख की आबादी इस समय इस कॉलोनी की है।
-1521 एकड़ कुल क्षेत्रफल में फैली हुई है यह कॉलोनी।
-03 फेज में विस्तार हो चुका है। फेज-1, फेज-2, फेज-3
यह है सबसे बड़ी समस्या नगर निगम के आधीन होने में
यह क्षेत्र नगर निगम के वार्ड संख्या 34 में लगता है। वार्ड की पार्षद रमा रानी राठी कहती हैं कि चार दशकों में यहां के मकान भी चार मंजिल तक विस्तारित हो गए हैं। आबादी बढ़ी है जबकि सीवरेज, सड़कें, बिजली आपूर्ति का ढांचा आदि अन्य जन सुविधाएं वैसी ही हैं। शुरू में बिल्डर ने सुविधाएं सही रखीं लेकिन अब पिछले करीब सात वर्षों से रखरखाव की स्थिति बेहद खराब है। यहां के नागरिक नगर निगम और बिल्डर दोनों से ही अपनी समस्याओं को लेकर शिकायत करते हैं। बिल्डर ने यहां के लोगों को लीगल नोटिस भेज रखे हैं, जिसमें रखरखाव का 70 करोड़ रुपया मांगा गया है।
यह होगा नगर निगम को लाभ
- संपत्ति कर हासिल होगा
- विज्ञापन और बोर्ड आदि से राजस्व मिलेगा
- अन्य मदों में भी निगम के राजस्व में वृद्धि होगी
यह है चुनौती
-इतने बड़े और पुराने क्षेत्र का प्रबंधन निगम के लिए चुनौतीपूर्ण रहेगा।
- कुछ नागरिक यहां के रखरखाव आदि को डीएलएफ के हाथ में रहने देना चाहते हैं।