गुरुग्राम। बिना नक्शा पास करवाए निर्माण करने पर नगर निगम द्वारा अब प्राथमिक स्तर पर ही कार्रवाई होगी। जरूरत पड़ने पर सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी की जाएगी। यह बातें निगम की अतिरिक्त आयुक्त डॉ. वैशाली शर्मा ने मंगलवार को अधिकारियों के साथ बिल्डिंग प्लान समीक्षा कमेटी की बैठक के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि हरियाणा बिल्डिंग कोड का प्रभावी रूप से पालन होना चाहिए।
सरकार द्वारा बिल्डिंग प्लान स्वीकृति के लिए ऑनलाइन व्यवस्था की गई है। काउंसिल ऑफ आर्किटेक्ट से पंजीकृत कोई भी आर्किटेक्ट के माध्यम से हरियाणा ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम (होबपास) पर बिल्डिंग प्लान स्वीकृति के लिए आवेदन करने की व्यवस्था है। आवेदन के 24 घंटे के भीतर प्रोविजनल सर्टिफिकेट प्राप्त हो जाता है तथा निर्माण कार्य शुरू किया जा सकता है।
अवैध निर्माण को प्राथमिक स्तर पर ही रोकें
अतिरिक्त निगमायुक्त ने अधिकारियों-कर्मचारियों को निगम की सीमा में निर्माणाधीन भवनों का सर्वे करवाने व सील होने के बावजूद निर्माण कार्य चलने वाले भवनों की रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इनफोर्समेंट टीमें और अधिक प्रभावी रूप से कार्य करें तथा अनाधिकृत निर्माण को प्राथमिक स्तर पर ही रोकें। साथ ही सभी आर्किटेक्ट नियमों के बारे में स्पष्ट जानकारी दें तथा इसके बावजूद कोई आर्किटेक्ट गलत तरीके से आवेदन करता है तो उसे ब्लैक लिस्ट करने की कार्रवाई करें।
पार्षद ने दिया सुझाव
बैठक में निगम पार्षद सुभाष सिंगला ने पुराने बने भवनों को कंपाउंड करने की दिशा में सरकार से संपर्क करने का सुझाव दिया, ताकि निगम को राजस्व मिले तथा नागरिकों को सुविधा हो। बैठक में रवींद्र यादव, अश्विनी शर्मा एवं सीमा पाहूजा, संयुक्त आयुक्त (मुख्यालय) हरीओम अत्री, चीफ टाउन प्लानर मधुस्मिता मोईत्रा, डीटीपी मनीष यादव, एटीपी सिद्धार्थ खंडेलवाल सहित इनफोर्समेंट विंग के सहायक अभियंता उपस्थित थे।