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चिनटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी हादसा: फ्लैट की कीमत पर है रार, मकान मालिक कर रहे प्रदर्शन

Fri, 10 Feb 2023 01:34 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम

सार

गुरुग्राम के चिनटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी की डी टावर में हादसे को लेकर मकान मालिक प्रदर्शन कर रहे हैं। एक वर्ष पहले 10 फरवरी 2022 को सेक्टर-109 स्थित चिनटेल्स पैराडाइसो में हुए हादसे में दो महिलाओं की मौत हुई थी।
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चिनटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी को लेकर प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गुरुग्राम में ठीक एक वर्ष पहले 10 फरवरी 2022 को सेक्टर-109 स्थित चिनटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी की डी टावर में एक के ऊपर एक पांच फ्लैट गिर गए थे। हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई थी। घटना के बाद जाहिर हुआ कि सोसाइटी की अन्य टावर में भी दरार आ रही हैं। तब से अब तक यहां के रहने वाले लोग इंसाफ के लिए भटक रह हैं। फ्लैट खाली करने के लिए जो कीमत बिल्डर दे रहा है उससे निवासी सहमत नहीं हैं। डी टावर के लोग मकान मालिक होकर भी किराएदार की तरह दूसरी जगह रह रहे हैं।

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हादसे में हुई थी दो महिलाओं की मौत, अब दोनों परिवार प्रकरण से बाहर
प्रशासन ने डी टावर को पूरी तरह ध्वस्त करने के आदेश कर दिए हैं। अन्य टावर भी जांच के दायरे में हैं। ई और एफ टावर में से अधिकांश लोग फ्लैट छोड़ गए हैं। सोसाइटी की रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) के अध्यक्ष राकेश हुड्डा कहते हैं कि हादसे को एक साल हो गया है लेकिन उनकी स्थिति के लिए कोई समाधान नहीं हुआ है। हमारी मुख्यमंत्री से मांग है कि पूरी सोसाइटी का फिर से निर्माण करने के लिए आदेश दें। दूसरी ओर जिन दो परिवारों की महिलाओं की मौत हादसे में हुई थी, वह दोनों ही परिवार अब इस प्रकरण से बाहर हैं। दोनों परिवार बिल्डर से मुआवजा ले चुके हैं।

आज करेंगे विरोध प्रदर्शन, निकालेंगे कैंडल मार्च
चिनटेल्स हादसे को एक साल होने पर सोसाइटी के लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। साथ ही अपनी मांगों को लेकर शुक्रवार को उपायुक्त को ज्ञापन दिया। सुबह 10.30 बजे सभी लोग लघु सचिवालय गेट पर इकट्ठा होकर यहां से विरोध मार्च शुरू किया। इसके बाद सभी लोग उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। यहां पर अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन दिया। इसके बाद शाम को सात बजे सभी लोग हादसा ग्रस्त डी टावर पर पहुंच कर कैंडल मार्च निकालेंगे।

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यह हैं तीन प्रमुख मांगें

- फ्लैट के बदले में उसी तरह का दूसरा फ्लैट उसी इलाके में मिले
- फ्लैट तोड़ा जाए तो उसकी जगह दूसरा नया फ्लैट दिया जाए
- फ्लैट सहित अंदरूनी डेकोरेशन का मूल्यांकन कर भुगतान हो

अब तक के मूल्यांकन से संतुष्ट नहीं
जिला नगर योजनाकार विभाग की ओर से फ्लैट और उसके डेकोरेशन का मूल्यांकन किया गया था। प्रशासन की मूल्यांकन करने वाली टीम भी तीन बार मूल्यांकन कर चुकी है, लेकिन पीड़ित पक्ष उससे संतुष्ट नहीं है।

सीबीआई जांच तक पहुंचा प्रकरण

10 फरवरी 2022 को सोसाइटी के डी टावर की छठवीं मंजिल में काम हो रहा था। इसी दौरान वहां का फर्श टूट कर नीचे की पहली मंजिल तक गिरता चला गया। हादसे की पुलिस रिपोर्ट दर्ज हुई। जिला प्रशासन ने एसआईटी गठित कर की जांच शुरू की। आईआईटी दिल्ली की टीम ने संरचनात्मक जांच की। इसके बाद इस टावर को पूरी तरह से असुरक्षित करार दिया गया।

जांच में निर्माण कार्य और सामग्री दोनों घटिया मिले
आईआईटी दिल्ली की टीम ने मार्च में यहां जांच शुरू की थी। इसमें पाया गया कि भूजल में क्लोराइड की मात्रा अपेक्षाकृत बहुत अधिक है, जिससे सरिया कमजोर हो रहा है। हादसे के बाद बिखरे मलबे में सरिया का व्यास बहुत कम मिला। सरिया में जंग लगा था। सीमेंट और अन्य सामग्री भी घटिया था। सरिया और सीमेंट की लैब की जांच कराई गई।

हादसे की एक वजह ये भी थी
डी टॉवर की छठवीं मंजिल के जिस फ्लैट पर काम चल रहा था, वहां पर जरूरी तकनीकी एहतियात नहीं बरता गया। उस मंजिल में प्रयोग हुआ सरिया और निर्माण सामग्री पहले से ही घटिया थी, इसलिए फर्श भूतल तक गिरता ही चला गया।

2017 में बसी थी सोसाइटी, 350 परिवार रह रहे

वर्ष 2017 में चिनटेल्स सोसाइटी बसी थी। यहां ए, बी, सी, डी, ई, एफ, जी, एच और जे सहित नौ टॉवर बने हैं। जिसमें 532 फ्लैट बने हैं। एक फ्लैट की औसत कीमत लगभग दो करोड़ रुपये है। यहां वर्तमान में 350 परिवार रह रहे हैं। यह सोसाइटी द्वारका एक्सप्रेसवे के ठीक पास है, इसलिए ये पूरा इलाका तेजी से विकसित हो रहा है।

अब तक पांच को मिला मुआवजा
डी टावर में हुए हादसे के बाद दुर्घटना का शिकार हुए अरुण श्रीवास्तव के परिवार को 3.5 करोड़ रुपये का मुआवजा मिला। इस घटना में अरुण की पत्नी की जान चली गई थी। उनके साथ चार और परिवारों को भी मुआवजा मिल चुका है। डी टावर को तो ध्वस्त करने के आदेश हो चुके हैं। जबकि ई और एफ की पूरी तरह सुरक्षा जांच कराने की बात प्रशासन ने कही है।

खास बातें

1-डी टावर में कुल 64 फ्लैट, 50 परिवार रहे थे, अब पूरा खाली है

2-ई टावर में कुल 56 फ्लैट, 28 परिवार रह रहे थे, अब 20 हैं

3-एफ टावर में कुल 60 फ्लैट, 22 परिवार थे, अब 22 रह रहे हैं

दो गांवों की जमीन पर बसी थी सोसाइटी
सेक्टर-109 में बसी चिनटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी जहां पर बनी है वह इलाका पहले बाबूपुर और जहाजगढ़ गांव के नाम से मशहूर था। जहाजगढ़ लगभग छह वर्ष पहले और बाबूपुर तीन वर्ष पहले नगर निगम में शामिल हुआ है। इन्हीं गांवों में सेक्टर-109 बसा है। बाबूपुर गांव के आखिरी सरपंच योगेश यादव कहते हैं कि चिनटेल्स पैराडाइसो के बिल्डर ने वर्ष 1989-90 के दौरान जमीन खरीदना शुरू किया था।

उन्होंने गांव की लगभग 300 एकड़ जमीन धीरे-धीरे खरीद ली। वर्ष 2006-07 में यहां जमीन का भाव लगभग 2 से 2.50 करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक रहा। अब यहां एक एकड़ जमीन का बाजार भाव लगभग 11 करोड़ रुपये और कलेक्टर रेट लगभग 2.44 करोड़ रुपये से ऊपर है।
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ध्वस्तीकरण कार्यवाही रोकने का अनुरोध

गुरुग्राम के चिनटेल्स हादसे के मामले में अब बिल्डर ने टावरों की सुरक्षा जांच के लिए केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान रुड़की (सीबीआरआई) का दरवाजा खटखटाया है और तब तक प्रशासन से टावर के ध्वस्त करने की कार्यवाही को स्थगित करने का अनुरोध किया है। बिल्डर की ओर से कहा गया है कि हमें अभी भी आईआईटी दिल्ली के माध्यम से एसआईटी द्वारा किए गए ऑडिट के वास्तविक प्रयोगशाला परीक्षण के परिणाम प्रदान नहीं किए गए हैं।

बिल्डर दे रहा है प्रभावित परिवारों का किराया
10 फरवरी, 2022 की घटना के तुरंत बाद प्रभावित परिवारों को स्थानांतरित किया। उसके बाद से लगभग 50 परिवारों का किराया दिया जा रहा है। औसत किराया लगभग र 40,000 रुपये प्रति माह प्रति अपार्टमेंट, जो अब तक भी दिया जा रहा है।
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