महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार निभा रही अपना दायित्व
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि समाज में महिला सशक्तिकरण के लिए जहां सरकार अपना दायित्व निभा रही है, वहीं प्रत्येक व्यक्ति को नारी शक्ति का सम्मान करते हुए उनकी कार्यशैली से प्रेरणा लेनी चाहिए। आज विश्व स्तर पर भारत संस्कारों के बल पर अपना प्रभुत्व कायम कर रहा है। राष्ट्रपति ने कहा कि आध्यात्मिक चिंतन के साथ सामाजिक विकास की दिशा में कदम बढ़ाते हुए मूल्यों आधारित समाज की संरचना की जा रही है। उन्होंने ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय संस्थान द्वारा समाज हित में किये जा रहे कार्यों व आत्मिक चिंतन का संदेश जन जन तक पहुंचाने में निभाई जा रही भूमिका की सराहना की।
राष्ट्रपति ने किया आह्वान, महिलाएं समाज में बदलाव लाने में निभाएं अहम भूमिका
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में पुरूषों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। चाहे विज्ञान, कला, शिक्षा, इंजीनियरिंग या राजनीतिक क्षेत्र की बात क्यों न हो, महिलाओं ने हर स्तर पर अपनी कामयाबी के झंडे बुलंद किए हैं।
उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए मां पहली गुरू व शिक्षक होती है, जो उन्हें संस्कारवान बनाती है। इसी प्रकार हमने धरती को भी माता का दर्जा दिया है, लेकिन आधुनिक युग में पर्यावरण को नुकसान पहहुंच रहा है, जिसके लिए सभी को सजग होने की जरूरत है। इस पहल में महिलाएं अहम भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं से ही एक परिवार आदर्श परिवार बनता है और आदर्श परिवार से ही एक आदर्श समाज का निमार्ण होता है। इसलिए महिलाएं ही समाज में बदलाव ला सकती है।
नैतिक मूल्यों के समावेश में महिलाओं की अहम भूमिका: राज्यपाल
सेमिनार को संबोधित करते हुए हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि आज समाज में नैतिक मूल्यों की स्थापना और सुधार में महिलाओं की अहम भूमिका है। हमारे शास्त्रों में नारी को देवी का स्वरूप मानते हुए कहा गया है जहां नारी का सम्मान होता है, वहां देवता निवास करते हैं। समाज में माता-बहनों का त्याग, तपस्या, संयम और समर्पण भाव अतुलनीय है।
राज्यपाल ने कहा कि आज महिलाओं को शिक्षित और स्वावलम्बी होने की आवश्यकता हैं। केन्द्र एवं हरियाणा सरकार इस दिशा में प्रयासरत है। इसके फलस्वरूप आज देश की बेटियां अध्यापक व चिकित्सक से लेकर सेना में बड़े पदों पर आसीन हैं। दत्तात्रेय ने भारत की पहली महिला राफेल पायलट शिवांगी सिंह का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी इस उपलब्धि ने भारत की अन्य बेटियों को भी सफलता की नई राह दिखाई है। उन्होंने भारत की महान संस्कृति का उल्लेख करते हुए कहा कि विश्व ने संस्कृति और सभ्यता का पाठ भारत से ही सीखा है।