अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। विदेश से डिपोर्ट किए गए उत्तर प्रदेश के एक युवक ने उद्योग विहार थाना क्षेत्र में किराये के कमरे के पास फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है। परिजन इसे आत्महत्या की बजाय एजेंट की साजिश बताते हुए हत्या कराए जाने की बात कह रहे हैं। पुलिस ने सोमवार को शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज करके जांच की जा रही है।
महाराजगंज (उत्तर प्रदेश) के धरमौली गांव निवासी सुभाष यादव (42) नौकरी की तलाश में कर्ज लेकर मॉरीशस गया था। सुभाष (मृतक) के चचेरे भाई अनिल ने बताया कि सुभाष चार बेटियों और एक बेटे का पिता था। वह बिहार के असगर नाम के युवक को जानता था। असगर ने ही उसे विदेश में जाकर कमाने के लिए कहा और उसे शिव ठाकुर नाम के एजेंट से मिलवाया।
सुभाष ने एजेंट को दो लाख रुपये देकर टिकट व वीजा लगवाया। 16 जून को मुंबई से मॉरीशस के लिए फ्लाइट ली थी। टूरिस्ट वीजा सही नहीं मिलने पर मॉरीशस एयरपोर्ट पर ही सुभाष को रोक लिया गया और 20 जून को वापस भारत भेज दिया। 24 जून को सुभाष गुरुग्राम आ गया था और अपने जानकारों के पास रहने लगा। सुभाष मानसिक रूप से परेशान था। रविवार की सुबह अन्य किरायेदारों ने कमरे के बाहर सीढ़ी से सुभाष का शव लटका देखा और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही उद्योग विहार थाना की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। युवक के मोबाइल से परिजनों से संपर्क करके सूचना दी। सुभाष बांस की सीढ़ी से करीब तीन फीट ऊंचाई पर रस्सी से लटका नजर आया।
जांच अधिकारी जयभगवान ने बताया कि जांच व पूछताछ में पता चला है कि सुभाष (मृतक) मॉरीशस से वापस आकर गुरुग्राम में काम की तलाश में आया था। कर्ज होने की वजह से वह परेशान रहता था। रविवार को उसने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी अनुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।