पुलिस ने धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। पुलिस की गिरफ्तारी से बचाने के लिए तीन युवकों ने एक युवक से 45 लाख रुपये ठग लिए। शिकायत पर पुलिस ने धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। पैसे देने के बाद भी पीड़ित के भाई को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दी।
नाथूपुर निवासी सुमित यादव ने डीएलएफ फेज तीन थाना पुलिस में दी शिकायत में बताया कि छोटे भाई अमित के खिलाफ दो अक्तूबर को डीएलएफ फेस 3 थाने में एनडीपीएस एक्ट में केस दर्ज हुआ था। गिरफ्तारी की डर से अमित इधर-उधर भाग रहा था। इसी दौरान सुमित की मुलाकात सुलतानपुर दिल्ली निवासी प्रिंस से हुई जो कि अमित का दोस्त है। सुमित ने प्रिंस से अमित को पुलिस से बचाने के लिए कहा। इसके बाद प्रिंस अपने रिश्तेदार कदरपुर निवासी नितिन से गुरुग्राम में मिलवाया। जहां, नितिन ने कहा कि उसकी पुलिस के बड़े अफसर से अच्छी जान पहचान है और अमित को इस मुकदमे से निकलवा दूंगा। जिसके लिए नितिन ने 20 लाख रुपये मांगे।
पीड़ित ने रिश्तेदार कमल व प्रिंस के द्वारा 20 लाख रुपये नितिन को बैकयार्ड पर भिजवाए। सुमित के अनुसार एक दिन अमित का फोन आया कि मयंक व सोनू को संपर्क करके 25 लाख रुपये भिजवा दो, मुकदमे से बचा लेंगे। पीड़ित ने डीएलएफ प्लॉट को गिरवी रखकर जितेंद्र व धर्म यादव द्वारा 25 लाख रुपये मयंक व सोनू को द्वारका रेडिसन होटल दिल्ली 23 नवंबर 2023 को भिजवा दिए। हालांकि कुछ दिन बाद पुलिस ने अमित को गिरफ्तार कर लिया। नितिन, मयंक व सोनू से अपने दिए हुए पैसे मांगे तो कहा कि पैसे आगे दे रखे हैं और वापस आने पर दे देंगे। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दी।