चंडीगढ़ के ध्यानार्थ
केंद्रीय मंत्री का करीबी बताकर वारदात को दिया अंजाम
पुलिस ने धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। चंडीगढ़ निवासी एक व्यक्ति से दो नामजद समेत अन्य ने केंद्रीय मंत्री का जानकार बताकर पेट्रोप पंप दिलाने के नाम पर 20 लाख रुपये ठग लिए। इसमें एक आरोपी ने अपने को विजिलेंस व दूसरे ने पुलिस निरीक्षक के रूप में बताया था। सेक्टर 29 थाना पुलिस धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
चंडीगढ़ निवासी राकेश सूद ने पुलिस में दी शिकायत में बताया कि अपने को विजिलेंस निरीक्षक सुरेश कुमार बताने वाले व्यक्ति से उसकी जान पहचान थी। सुरेश के माध्यम से ही उसकी संदीप, बहादुर सिंह, राकेश कुमार और सतीश शर्मा से जान पहचान हुई थी। आरोपियों को 2 मार्च को गुरुग्राम क्राउन प्लाजा होटल में एक बैठक करनी थी। जिसमें सुरेश देरी से आया और होटल की पार्किंग में मिला। सुरेश ने अपने साथी संदीप से मिलवाया। आरोपी ने संदीप को केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के करीबी व विश्वासपात्र बताया। सुरेश ने उससे कहा कि संदीप चंडीगढ़ में एक पेट्रोल पंप आवंटित कराने में मदद कर सकता है क्योंकि मंत्री का करीबी है। इस पर उसने आरोपियों पर भरोसा कर लिया। 12 साल पुरानी एक नामचीन शराब की बोतल खरीदकर सभी ने पार्टी की। इस दौरान यह निर्णय हुआ कि संदीप मंत्री के साथ पेट्रोल पंप की चर्चा करेगा।
आरोप है कि चार मार्च को हीरो होंडा चौक के पास सुरेश मिला। कुछ देर बाद संदीप भी वहां आया और सलाह दी कि मंत्री की बहन के पास गुरुग्राम में 4 पंप पेट्रोल उपलब्ध हैं। उनकी बात की जा सकती है, मगर इसके लिए पीड़ित तैयार नहीं हुआ। इस पर संदीप ने उसे चंडीगढ़ में ही एक माह के अंदर पेट्रोल पंप आवंटित कराने का झांसा दिया। पीड़ित ने इसकी एवज में उसे दस लाख रुपये भी दे दिए। इसके बाद 15 मार्च को माउंट व्यू होटल में संदीप अपने साथ 2 अन्य लोगों के साथ मिला। बातचीत के दौरान संदीप ने 30-40 लाख रुपये और मांगे, जिससे पीड़ित ने इनकार कर दिया और अपने पैसे वापस करने को कहा। हालांकि वह 10 लाख रुपये और देने पर सहमत हो गया। पंप आवंटित होने के बाद 30 लाख रुपये और चेक के माध्यम से देने की बात तय हुई। आरोप है कि इसके बाद से ही आरोपियों ने उसके फोन उठाने बंद कर दिए हैं। पुलिस ने मामले की शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।