बच्चों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए राजधानी के सारे स्कूल बंद चल रहे हैं। ऐसे में कॉन्ट्रैक्ट/गेस्ट टीचर्स के भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि इस साल उनकी नौकरी जारी रखी जाएगी या उन्हें बेरोजगार हो जाना पड़ेगा।
लेकिन दिल्ली सरकार में शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने मंगलवार को साफ कर दिया कि सभी गेस्ट टीचर्स को काम दिया जायेगा और उनकी सहायता से ही ऑनलाइन तरीकों से बच्चों को पढ़ाने का काम आगे बढ़ाया जायेगा।
इस संदर्भ में सात जुलाई को डायरेक्टर एजुकेशन को एक आदेश जारी करते हुए दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा है कि दिल्ली के बच्चों को शिक्षा देने के मामले में गेस्ट टीचर्स की भूमिका काफी सराहनीय रही है।
उन्होंने कड़ी मेहनत कर छात्रों को बेहतर शिक्षा के लिए तैयार किया है। अब उनकी भूमिका को ऑनलाइन शिक्षा के लिए इस्तेमाल किया जायेगा। वे ऑनलाइन माध्यम से अपनी कक्षाओं के बच्चों से जुड़कर उन्हें विभिन्न विषयों की जानकारी देंगे।
इस संदर्भ में दो जुलाई को भी निर्देश दिया गया था, लेकिन किन्हीं वजहों से यह अमल में नहीं आ पा रहा था, जिसके बाद आज उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को दुबारा इस मामले में दखल देना पड़ा है।
दरअसल, बच्चों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए जहां स्कूल बंद रखे जा रहे हैं, वहीं दिल्ली सरकार ने छात्रों की पढ़ाई को जारी रखने के लिए ऑनलाइन मीडियम की शुरुआत कर दी है। ऑनलाइन पोर्टल लीड पर 10 हजार से ज्यादा मैटेरियल देकर पहली से 12वीं तक के बच्चों को पढ़ाया जा रहा है।
सरकार ने सभी बच्चों को ऑनलाइन मोड से पढ़ाने के लिए पहले ही पहल कर दी है। स्कूलों के बंद होने से अध्यापकों की नई भूमिका पर अनिश्चितता बनी हुई थी जिसे सरकार ने साफ़ कर दिया है।