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GTB Hospital Firing: वसीम को मारने आए थे रियाजुद्दीन को मार गए, उसी वार्ड के दूसरे कमरे में लेटा था 'शिकार'

Sun, 14 Jul 2024 09:08 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

गत 12 जून को वेलकम इलाके में गैंगवार में बदमाशों ने वसीम और दोस्त आसिफ पर जानलेवा हमला किया था। चार गोलियां लगने के बाद वसीम पिछले करीब एक माह से इसी वार्ड में भर्ती है। जीटीबी एंक्लेव थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
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जीटीबी अस्पताल में गोलीबारी में युवक की मौत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजधानी के अस्पताल भी अब गैंगवार से सुरक्षित नहीं रह गए हैं। रविवार को गुरु तेग बहादुर (जीटीबी) अस्पताल की चौथी मंजिल के वार्ड में भर्ती एक मरीज की गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई। मृतक की शिनाख्त रियाजुद्दीन (32) के रूप में हुई है। बहन और महिला डॉक्टर के सामने गोली मारकर तीन बदमाश बड़े आराम से फरार हो गए।

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अस्पताल के किसी गार्ड ने उनको पकड़ने की हिम्मत नहीं दिखाई। पेट में संक्रमण के बाद रियाजुद्दीन पिछले करीब 23 दिनों से अस्पताल में अपना इलाज करा रहा था। शुरुआती जांच के बाद पुलिस सूत्रों का कहना है कि हमलावर रियाजुद्दीन को नहीं बल्कि उसके बैड के ठीक सामने वाले कमरे में भर्ती बदमाश वसीम (33) की हत्या करने आए थे।

 

दरअसल गत 12 जून को वेलकम इलाके में गैंगवार में बदमाशों ने वसीम और दोस्त आसिफ पर जानलेवा हमला किया था। चार गोलियां लगने के बाद वसीम पिछले करीब एक माह से इसी वार्ड में भर्ती है। जीटीबी एंक्लेव थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। सीसीटीवी में बदमाश कैद हुए हैं। उसके आधार पर पड़ताल की जा रही है।

लोकल पुलिस के अलावा जिले के एएटीएस और स्पेशल स्टाफ समेत कुल आधा दर्जन टीमों का गठन कर दिया गया है। अस्पताल में दिन-दहाड़े हुई हत्या के बाद से अफरा-तफरी का माहौल है। अस्पताल के भीतर मरीजों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। देर शाम तक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अस्पताल में डटे रहे।

पुलिस के मुताबिक रियाजुद्दीन परिवार के साथ गली नंबर-14, श्रीराम नगर, खजूरी खास में रहता था। इसके परिवार में मां नसीम बेगम, दो भाई, तीन बहन, पत्नी हिना व दो बच्चे हैं। पिछले करीब चार साल से रियाजुद्दीन बेरोजगार था। उसे नशे की लत गई। इस बीच परिजनों ने उसे लोनी स्थित नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया।

तीन-चार दिन वहां भर्ती रहने के बाद उसके पेट में दर्द हुआ। 21 जून को उसे जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका दो बार ऑपरेशन हुआ। अभी उसकी हालत में सुधार हो रहा था। अस्पताल में पत्नी हिना और बहन तरन्नुम रुककर उसकी देखभाल कर रहे थे। रियाजुद्दीन चौथी मंजिल स्थित वार्ड नंबर-24 में भर्ती था।

रियाजुद्दीन के भाई फहीम ने बताया कि पौने चार बजे तीन लड़के वार्ड में पहुंचे। उस समय बहन व महिला डॉक्टर वहां थी। आते ही एक बदमाश ने पिस्टल निकालकर पांच-छह राउंड गोलियां चलाई। दो गोली रियाजुद्दीन के पेट में लगी। बदमाश वहां से फरार हो गए। अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर ही रियाजुद्दीन को मृत घोषित कर दिया गया।
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सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। क्राइम टीम के अलावा एफएसएल को मौके पर बुला लिया गया। जिला पुलिस उपायुक्त सुरेंद्र चौधरी ने फिलहाल हत्या की वजह नहीं बताई है। पुलिस सूत्र बता रहे हैं कि गलती से रियाजुद्दीन की हत्या हुई है। पुलिस वसीम और उसकी पत्नी आफरीन से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
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