Dr. Mridul Sharma
- फोटो : अमर उजाला
11 माह के बच्चे को घर छोड़ अस्पताल में डटी हैं डॉ. मृदुल शर्मा
अपने बच्चों और परिवार से दूर रहकर महिला चिकित्सक हिमाचल के ऊना जिले के संतोषगढ़ नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सेवाएं दे रही हैं। संतोषगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक के पद पर तैनात डॉ. मृदुल शर्मा अपने 11 माह के बच्चे को घर में किसी के पास छोड़कर अस्पताल में आने वाले मरीजों की सेवा में लगी हैं। इतना ही नहीं बच्चा किसी तरह के संक्रमण की चपेट में न आए, इसलिए डॉ. मृदुल ने खुद के लिए संतोषगढ़ में ही किराये पर एक कमरा ले रखा है।
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दो वर्षीय बच्चे को घर छोड़ मरीजों की सेवा में जुटीं नर्स भारती
अपने परिवार से दूर रहकर कोरोना पीड़ितों और संदिग्ध मरीजों की सेवा में एक योद्धा की तरह डॉक्टर, नर्सें, अस्पतालों का स्टाफ, पुलिस कर्मचारी लगे हैं। देश इन कोरोना कर्मवीरों के आगे नतमस्तक है। ऐसी ही एक कोरोना कर्मवीर स्टाफ नर्स नेरचौक मेडिकल कॉलेज में तैनात है, जो अपने दो वर्षीय बच्चे को घर में पति के पास अकेला छोड़ कोरोना पीड़ितों की सेवा में लगी हैं।
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बीमार पत्नी से दूर हैं डॉक्टर एसके सिंह, बखूबी निभा रहे अपना फर्ज
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद में सीएचसी प्रभारी खतौली डॉक्टर एसके सिंह अपने फर्ज को बखूबी अंजाम देने में लगे हैं। कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में एक अच्छे योद्धा की तरह अपने फर्ज को निभा रहे हैं। उनकी पत्नी डॉक्टर रुचि बाल रोग विशेषज्ञ राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में हैं। बताया गया कि लॉकडाउन से पहले सड़क दुर्घटना में डॉक्टर रुचि की पैर की हड्डी कई जगह से टूट गई। उनका देहरादून ही ऑपरेशन कराया गया।
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पुलिसकर्मी सड़कों पर तैनात, घर में पत्नियां बना रहीं मास्क
वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से लोगों को बचाने के लिए पुलिसकर्मी सड़कों पर उतरकर अपनी ड्यूटी के साथ ही लोगों को जागरूक कर रहे हैं तो उनकी पत्नियां घरों में मास्क तैयार कर रहीं हैं। इन मास्कों को पुलिसकर्मियों और आम जनता को दिया जा रहा है। ये महिलाएं दो परत वाले मास्क तैयार कर रहीं हैं। दिलचस्प बात है कि कुछ महिला कांस्टेबल ड्यूटी करने के बाद इन महिलाओं का मास्क बनाने में हाथ भी बंटा रहीं हैं।
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