‘ऑपरेशन जिंदगी’ से चार लोगों को नया जीवन दिया गया है। शुक्रवार रात को फोर्टिस अस्पताल में इसके लिए ‘ऑपरेशन जिंदगी’ शुरू किया गया।
गुड़गांव पुलिस और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने ग्रीन कॉरिडोर उपलब्ध कराकर सेक्टर-44 स्थित फोर्टिस अस्पताल से ब्रेन डेड युवक का धड़कता दिल गुड़गांव से दिल्ली पहुंचाया।
32 किलोमीटर की दूरी महज 25 मिनट 40 सेकेंड में पूरी की गई। डॉक्टरों के मुताबिक, 30 जनवरी को हरियाणा के रेवाड़ी जिले के रहने वाले ब्रेन स्ट्रोक से पीड़ित 24 वर्षीय युवक को अस्पताल में लाया गया था।
रात पौने दो बजे हुए प्रत्यारोपण
लगातार कोशिश के बावजूद जब वह ठीक नहीं हुआ तो उसे अंत में न्यूरो साइंस की
टीम ने बृहस्पतिवार को ब्रेन डेड घोषित कर दिया।
इसके बाद डॉक्टरों ने
उसके परिजनों को अंगदान के लिए प्रेरित किया। अस्पताल की ओर से ग्रीन कॉरिडोर उपलब्ध कराने की बात कही गई तो ट्रैफिक पुलिस अलर्ट हो गई और ग्रीन कॉरिडोर के अपने स्टाफ और ऑफिसर को सड़क पर उतार दिया।
शुक्रवार रात 01.54 बजे अंग प्रत्यारोपण की कवायद शुरू की। हृदय का प्रत्यारोपण करने के लिए एमजी रोड, छतरपुर, आईआईटी, ग्रीन पार्क होते हुए दिल्ली के ओखला स्थित फोर्टिस एस्कॉर्ट अस्पताल पहुंचाया गया।
53 वर्षीय पुरुष और 39 वर्षीय महिला की बची जिंदगी
वहां 44 वर्षीय व्यक्ति में डॉक्टरों ने सफल प्रत्यारोपण किया, जबकि दोनों किडनी एम्स में भर्ती दो मरीज 53 वर्षीय पुरुष और 39 वर्षीय महिला में प्रत्यारोपित की गईं। लीवर गुड़गांव फोर्टिस अस्पताल में प्रत्यारोपित हुआ।
कार्निया निरामया आई बैंक को दी गईं। फोर्टिस अस्पताल के अंग प्रत्यारोपण के निदेशक डॉ. अवनीश सेठ ने बताया कि इस अंगदान प्रक्रिया से चार लोगों को जिंदगी दी गई।