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फजीहत के बाद बदली सरकार, अब देगी सभी धर्मों की शिक्षा

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गणतंत्र दिवस के मौके पर ‘गीता’ पर बनाई गई प्रदेश सरकार की झांकी के केंद्र सरकार की ओर से रद्द होने की फजीहत के बाद मनोहर सरकार ‘गीता शिक्षा’ को लेकर बैकफुट पर आ गई है।
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अब स्कूलों में गीता के साथ-साथ अब सभी धर्मों की शिक्षा दी जाएगी। गीता के श्लोक के साथ कुरान के आयत, बाइबल और गुरुग्रंथ साहिब की अच्छी बातें भी स्कूलों में बताई जाएंगी।

प्रदेश में भाजपा सरकार आने के बाद स्कूलों में विद्यार्थियों को ‘गीता शिक्षा’ देने की घोषणा की गई थी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल और शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा कई मंचों से इसकी घोषणा करते रहे हैं।
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सत्र 2015 से ही इसकी शुरुआत करने के लिए कहा था, लेकिन सत्र के महज कुछ दिन पहले आदेश जारी होने के कारण पाठ्यक्रम में इसे शुरू नहीं किया जा सका, लेकिन सत्र 2016 से इस हर हाल में शुरू करने की बात कही जा रही थी।

स्‍कूलों में मिलेगी सभी धर्मों की शिक्षा

संघ से जुड़े लोगों की सरकार ने अति उत्साह में गणतंत्र दिवस पर झांकी भी गीता विषय पर बना दी, जिसे केंद्र सरकार ने नकार दिया।

इसलिए गणतंत्र दिवस परेड में राजपथ पर हरियाणा की झांकी नहीं दिखी। इस मुद्दे पर लगातार फजीहत झेल रही प्रदेश सरकार ने अब गीता शिक्षा को लेकर यू-टर्न ले लिया है।

शुक्रवार को सोहना रोड स्थित एससीईआरटी (राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद्) में बतौर मुख्य अतिथि आए शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने कहा कि इस सत्र में विद्यार्थियों को केवल गीता शिक्षा तक सीमित नहीं रखा जाएगा।

उन्हें नैतिक शिक्षा दी जाएगी। इसके लिए सभी धर्मों के धर्मग्रंथ में मौजूद अच्छी बातों को लेकर पाठ्यक्रम तैयार किया गया है। नए सत्र से इसे शुरू कर दिया जाएगा। बता दें कि इस सत्र में नैतिक शिक्षा को लेकर एससीईआरटी ने पाठ्यक्रम तैयार किया है।
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गीता शिक्षा के बजाय दे रहे नैतिक शिक्षा का नाम

इसे शिक्षा विभाग को सौंप दिया गया है। इस पर अब अमल होना बाकी है। राष्ट्रीय स्तर पर फजीहत झेल चुकी प्रदेश की भाजपा सरकार के मंत्री गीता शिक्षा की बजाय नैतिक शिक्षा का नाम दे रहे हैं।

शिक्षा मंत्री अपने पूरे कार्यक्रम में नैतिक शिक्षा की वकालत करते रहे। शिक्षा मंत्री ने कहा कि किसी एक धर्म के नजरिये से नैतिक शिक्षा को देखना ठीक नहीं है।

सभी धर्मों में अच्छी बातें हैं और सभी बातों को छात्रों को जानना चाहिए। शिक्षा मंत्री का कहना है कि नैतिक शिक्षा से छात्र संस्कारवान बनेंगे।
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