दिल्ली की तरह नोएडा में भी में हरे रंग की सीएनजी बसें दौड़ेंगी। रंग के साथ ही किराया और डिजाइन तय करने के लिए बुधवार को नोएडा प्राधिकरण के बोर्ड रूम में चेयरमैन के समक्ष इसके लिए प्रस्तुतिकरण हुआ।
प्राधिकरण ने कंसलटेंट से दिल्ली, उत्तर प्रदेश और आसपास चल रहीं बसों के किराये का अध्ययन करके रेट लिस्ट तैयार करने को कहा है, ताकि नोएडा की सिटी बसों का किराया भी एक समान रखा जा सके। इसी तरह बसों के डिजाइन पर भी चर्चा की गई। यहां लो फ्लोर बसें चलाने की योजना है। मेट्रो फीडर के रूप में चलने वाली बसें अलग डिजाइन की होंगी जिससे दूर से ही देखने से यात्रियों को पता चल जाए कि मेट्रो स्टेशन जाने वाली बस आ रही है। कंसलटेंट को दो सप्ताह का समय दिया गया है।
वहीं, बस ऑपरेटर के चयन की प्रक्रिया भी अंतिम दौर में है। फाइनल बिड में तीन ऑपरेटर पहुंचे हैं। इनमें से किसी एक का चयन होना है। ऑपरेटर का नाम बहुत जल्द घोषित किया जा सकता है। चयन होने के बाद बसें चलने में तीन माह लगेंगे। पहले चरण में 100 बसें चलनी हैं, जिनमें से 40 बसें नोएडा, 30 बसें ग्रेटर नोएडा और 30 बसें दोनों शहरों के बीच बने रूटों पर दौड़ेंगी। प्रस्तुतिकरण के दौरान प्राधिकरण के एसीईओ पीके अग्रवाल, ओएसडी मनोज राय, नोएडा ट्रैफिक सेल के प्रभारी संदीप चंद्रा सहित कई अफसर मौजूद रहे।