स्वास्थ्य विभाग दावा कर रहा है कि धीरे-धीरे स्वाइन फ्लू का वायरस एच1एन1 कमजोर हो रहा है। शुक्रवार को वैशाली सेक्टर-1 स्थित पुष्पांजलि क्रासले अस्पताल में प्रेसवार्ता के दौरान सीएमओ यह दावा किया।
सीएमओ डॉ. अजेय अग्रवाल ने बताया कि घबराने की जरूरत नहीं है। इसका इलाज संभव है। 2008 के मुकाबले अब वायरस कमजोर हुआ है। अब तक एक ही परिवार से किन्हीं दो या उससे अधिक सदस्यों को में बीमार होने का मामला सामने नहीं आया है।
विभाग स्वाइन फ्लू से निपटने में पूरी तरह सक्षम है। जिले में 342 संभावित मरीजों के टेस्ट कराए गए हैं, जिनमें से 38 में पुष्टि हुई है।
एक व्यक्ति की मौत हुई है। स्वाइन फ्लू की तीन हजार डोज स्टॉक में है। तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से अधिक होते ही इसका वायरस खुद ही नष्ट हो जाता है।
यहां मौजूद स्वाइन फ्लू की दवा
इंदिरापुरम में शक्तिखंड, वैशाली में पुष्पांजलि क्रॉसले अस्पताल और नई बस्ती के मेडिकल स्टोर में स्वाइन फ्लू की दवा उपलब्ध है।
पुष्पांजलि क्रॉसले अस्पताल के एमडी डॉ. विनय अग्रवाल ने बताया कि स्वाइन फ्लू के 25 संभावित मरीजों का इलाज चल रहा है। इनमें से 11 मामले गाजियाबाद और बाकी दिल्ली, नोएडा, सहारनपुर और बुलंदशहर के हैं।
सरकारी दफ्तर सूने
स्वाइन फ्लू का खौफ सड़कों से अब सरकारी आफिसों तक नजर आने लगा है। अधिकारियों ने आफिसों में बैठना कम कर दिया है और जो बैठते भी हैं, वह फरियादियों से मिलने से कतरा रहे हैं।
कलक्ट्रेट में तो ज्यादातर अधिकारी अपनी सीट पर ही नहीं थे। उधर शिकायत लेकर आने वाले लोगों की संख्या भी गिनती की रही। पावर कारपोरेशन और परिवहन निगम में ज्यादातर अधिकारी शुक्रवार को आफिसों में नहीं बैठे।
डीएल बनवाने वाले काउंटर शुक्रवार को खाली पड़े रहे। ऑटो-टैंपो यूनियन के अध्यक्ष दिलशाद ने बताया कि बीमारी के डर से लोग अब सफर करने में अपने वाहनों का प्रयोग कर रहे हैं।
सर्दी-जुकाम से पीड़ित बच्चों को स्कूलों में नो एंट्री
स्वाइन फ्लू की दहशत का असर स्कूलों में भी है। स्कूलों ने सर्दी, जुकाम और बुखार से पीड़ित स्टूडेंट को फर्स्ट एड देकर घर भेजना शुरू कर दिया है। पैरेंट्स से बच्चों के स्वस्थ होने के बाद ही स्कूल भेजने की सलाह दी है।
वहीं, असेंबली के साथ क्लासेज में भी बीमारी के लक्षण और बचाव की जानकारी दी जा रही है। कपूर-इलाइची ला रहे घर से - स्वाइन फ्लू से बचाव की देशी पद्धति कपूर-इलाइची को शिक्षिकाएं साथ लेकर आ रही हैं, जिससे स्वाइन फ्लू के वाइरस को निष्प्रभावी किया जा सके।
क्रॉसिंग्स रिपब्लिक में सामाजिक संस्था सहयोग सेवा समिति की ओर से स्कूल बसों को रोककर 400 बच्चों को मास्क बांटे गए। डॉ. मोनिका और डॉ. सुधीर त्यागी ने बताया कि बच्चों पर जल्दी असर होने के चलते, उन्हें मास्क बांटने का निर्णय लिया।