उत्तरी दिल्ली नगर निगम के सदन की बैठक में शुक्रवार को माननीय एक-दूसरे को खुलेआम अपमानित करते नजर आए। इतना ही नहीं, उन्होंने सदन की मर्यादा तार-तार करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। बैठक में पार्षद ही नहीं मेयर भी आपा खो बैठे। उनके बीच बच्चों की तरह लड़ाई हुई। एक-दूसरे को जमकर गालियां दीं और सदन के बाहर देख लेने की चेतावनी दी गई। कुछ अधिकारियों के बीच बचाव करने के बाद उनके बीच मारपीट की नौबत टल गई।
सदन की बैठक में मेयर योगेंद्र चंदोलिया और कांग्रेस पार्षद सतबीर शर्मा के बीच जबरदस्त कहासुनी हुई। यह घटना स्पेशल एरिया के व्यापारियों से कनवर्जन चार्ज वसूलने के लिए जारी हुए नोटिस पर मेयर व कांग्रेस पार्षदों के बीच नोकझोंक के दौरान सतबीर शर्मा ने वृद्धों को पेंशन नहीं मिलने का मुद्दा उठाने के बाद हुई।
इस दौरान चंदोलिया ने गुस्से में कहा कि उनसे पूछकर पेंशन नहीं दी जाएगी। इसके बाद उन्होंने उंगली दिखाते हुए एक-दूसरे की औकात की बात शुरू कर दी। देखते ही देखते कि मेयर ने शर्मा को कहा बाहर चल.....। उनकी चुनौती स्वीकार करते हुए शर्मा ने कहा चल ...। उनकी बातें सुनते ही मेयर सीट से खड़े होकर बाहर की ओर चल पड़े।
हालत बिगड़ते हुए देख कुछ अधिकारियों ने मेयर को पकड़ते हुए उन्हें बाहर जाने से रोका। उधर, सतबीर शर्मा को कांग्रेस के पार्षदों ने पकड़ लिया। इसके बाद उनमें गाली-गलौच का दौर शुरू हो गया। तभी डिप्टी मेयर रविंद गुप्ता मेयर की सीट पर बैठ गए और उन्होंने 15 मिनट तक बैठक स्थगित कर दी।
पुन: बैठक शुरू होने पर मेयर ने कहा कि अब उनकी इजाजत के बिना कोई नहीं बोलेगा। वह जिसको कहेंगे वही पार्षद बोलेगा। उनके इस तर्क का विपक्ष के नेता मुकेश गोयल व कांग्रेस के अन्य पार्षदों ने कड़ा विरोध किया।
कांग्रेस ने गृहमंत्री, उपराज्यपाल व मुख्यमंत्री को शिकायत की
नई दिल्ली। उत्तरी दिल्ली नगर निगम की बैठक में सदन की मर्यादा तार-तार होने पर विपक्ष के नेता मुकेश गोयल ने कड़ा रुख अख्तियार किया हैै। उन्होंने इस घटना की केंद्रीय गृहमंत्री, उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर शिकायत की है। उन्होंने कहा कि सदन की रिकार्डिंग देखकर दोषी पार्षदों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उधर, चंदोलिया ने शिकायत तो नहीं की, लेकिन आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्षद अधिकारियों पर दबाव बनाने के लिए हंगामा करते हैं।