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अब परमानेंट टीचर्स भी करने लगे केजरीवाल का विरोध

Fri, 31 Jan 2014 05:34 PM IST
अमर उजाला, नई दिल्ली
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दिल्ली सचिवालय के बाहर अस्थायी शिक्षकों ने भले ही धरना समाप्त कर दिया हो लेकिन अब सरकारी स्कूलों के टीचर सरकार और निदेशालय के विरोध में आ गए हैं।
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काम के घंटे बढ़ाए जाने के आदेश को वापस न लेकर सिर्फ नए शैक्षणिक सत्र तक टालने के विरोध में शिक्षक समुदाय खड़ा हो गया है।

सरकारी स्कूलों में, गवर्नमेंट स्कूल टीचर्स एसोसिएशन (जीएसटीए) के संरक्षण में शिक्षकों ने इस आदेश को वापस लेने की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को काली पट्टी बांधकर काम किया।

एक दिन के इस प्रतीकात्मक विरोध के जरिए शिक्षकों ने अपनी मांग को निदेशालय और सरकार तक पहुंचाने की कोशिश की।

गवर्नमेंट स्कूल टीचर्स एसोसिएशन (जीएसटीए) के प्रेस सचिव कपिल मोहन शर्मा ने बताया कि अभी सिर्फ प्रतीकात्मक विरोध ही दर्ज कराया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि एक-दो दिन में उन्हें शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया से मिलने का वक्त मिल जाएगा।
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उनसे इस फैसले को टाले जाने की बजाय समाप्त की जाने की मांग की जाएगी। यदि बात किसी सकारात्मक दिशा में आगे नहीं बढ़ी तो आगे की रणनीति पर चर्चा होगी।

उल्लेखनीय है कि इस आदेश को वापस लिए जाने की मांग को लेकर जीएसटीए के बैनर तले शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को शिक्षा मंत्री से मुलाकात की। जिसके बाद देर शाम निदेशालय ने इसे नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत तक के लिए टालने का आदेश दिया था।

निदेशालय के इस फैसले से असंतुष्ट जीएसटीए ने अपने आंदोलन के पहले चरण को 30 जनवरी से शुरू करने की बात कही थी।
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