नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर सीओ समेत दो सिपाहियों को कार से रौंदने वाले युवक अलीगढ़ के अतरौली के निवासी हैं। व्यापारी परिवारों से ताल्लुक रखने वाले 21 से 24 साल के ये रईसजादे बुधवार रात दुर्घटना के वक्त शराब के नशे में धुत थे और 140 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से कार दौड़ाते हुए दिल्ली में होने वाले आईपीएल मैच देखने जा रहे थे।
उनकी लापरवाही के चलते दो सिपाहियों की मौत हो गई जबकि डीएसपी हरेंद्र सिंह जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। कार सवार युवकों में से भी एक की मौत हो गई है।
सूरजपुर पुलिस ने कार चालक समेत अन्य पर मामला दर्ज कर लिया है। एसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि जिस समय सीओ हरेंद्र सिंह डंपर को हटवा रहे थे उसी समय स्विफ्ट कार चालक समेत सभी युवक शराब के नशे में करीब 140 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से आ रहे थे।
तो इस तरह हुआ हादसा
रास्ता केवल ओवरटेक लेन का था और बराबर में पुलिस अफसर और कर्मचारी काम करा रहे थे। जब आरोपी कार चालक युवक पास पहुंचा तो संतुलन खो बैठा और दुर्घटना हो गई।
कार में अलीगढ़ के अतरौली निवासी यश वार्ष्णेय, यश अग्रवाल, रोबिन वर्मा, प्रेम वर्मा और शुभम राठी आदि सवार थे। कार को यश वार्ष्णेय चला रहा था।
एसपी ने बताया कि कार में शराब और बीयर की बोतलें मिली हैं, जिनसे साबित होता है कि आरोपी युवक शराब के नशे में थे। कार सवार यश अग्रवाल की मौत हो गई बाकी की हालत भी गंभीर बनी हुई है।
डीएसपी की सलामती की मांग रहे दुआ
सूरजपुर पुलिस ने इस मामले को दर्ज कर लिया है और मामले की जांच कराई जा रही है। हालांकि घायल युवकों की हालत भी ठीक नहीं है।
एसपी ने बताया कि उक्त सभी युवक व्यापारी परिवार से ताल्लुक रखते हैं और शाम को छुट्टी होने के बाद अकसर इसी तरह घूमने निकलते हैं।
सीओ हरेंद्र सिंह के गंभीर रूप से घायल होने पर पुलिस विभाग में काफी मायूसी है और पुलिसकर्मियों समेत क्षेत्र के लोग उनकी सलामती की दुआ मांग रहे हैं। उधर, डॉक्टरों ने हरेंद्र सिंह के सिर का ऑपरेशन कर दिया है और उम्मीद जताई है कि वे जल्द ही स्वस्थ हो जाएंगे। सीओ हरेंद्र सिंह की पत्नी स्वयं डॉक्टरों से उनकी तबियत के बारे में जानकारी ले रही हैं।