नाथूराम गोडसे की प्रतिमा लगाने की मांग पर शनिवार को हिन्दू महासभा के दोनों गुटों में ठन गई। एक गुट का कहना है कि प्रतिमा लगाने की अनुमति दी जानी चाहिए, जबकि दूसरे गुट का कहना है कि इस तरह की मांग उठाना समाज में कटुता को बढ़ावा देगा और इससे गलत संदेश जाएगा।
एक गुट के अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणी का दावा है कि उनका गुट ही असली हिन्दू महासभा है। उन्होंने गोडसे के प्रचार के लिए दूसरे गुट के अध्यक्ष चंद्रप्रकाश कौशिक की आलोचना की। चक्रपाणी ने कहा कि चंद्रप्रकाश सस्ती लोकप्रियता के लिए ऐसा कर रहे हैं।
शनिवार को संवाददाता सम्मेलन में स्वामी चक्रपाणी ने बताया कि उनकी नाथूराम गोडसे की प्रतिमा लगाने की कोई योजना नहीं है। इसके अलावा प्रतिमा लगाने की बात करने वाले चंद्रप्रकाश हिंदू महासभा के सदस्य भी नहीं हैं। इस संबंध में उन्होंने चुनाव आयोग से आरटीआई में मिले उत्तर की प्रति भी पेश की।