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'प्यार नहीं, टॉपर न रहने पर लगा रही हूं फांसी'

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पढ़ाई के दबाव में शिप्रा सनसिटी में 12वीं की छात्रा हिमाली (17) ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को मौके से सुसाइड नोट मिला है, जिसमें छात्रा ने पढ़ाई में कमजोर रहने के चलते सुसाइड करने की बात लिखी है।
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साइंस स्ट्रीम में उसे पढ़ाई करने में दिक्कत आ रही थी। रविवार को उसे ऑल इंडिया प्री मेडिकल टेस्ट (एआईपीएमटी) का एंट्रेंस टेस्ट भी देना था। माना जा रहा है कि एंट्रेंस में फेल होने के डर से उसने यह कदम उठा लिया।

हिमाली बिहार के सिवान की रहने वाली थी। जेकेजी इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ती थी। शिप्रा सनसिटी के फ्लैट संख्या 8/4 में मामा विभाष के घर रहती थी।

चुन्नी से बांधा था गला

हिमाली के पिता हेमंत बिहार में एक मीडिया संस्थान में कार्यरत हैं। परिजनों ने बताया कि शनिवार रात हिमाली अपने कमरे में पढ़ रही थी। लाइट जाने पर मामा विभाष और परिवार के अन्य लोग फ्लैट के बाहर जाकर टहलने लगे।

कुछ देर बाद लाइट आई तो वे हिमाली के कमरे में पहुंचे। उसका शव चुन्नी से बंधा पंखे पर लटक रहा था। शव नीचे उतारा और शांति गोपाल अस्पताल ले गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।

पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस को उसके कमरे से सुसाइड नोट मिला, जिसमें उसने मौत के लिए खुद को जिम्मेदार ठहराया है।

ये है सुसाइड नोट

‘10 वीं तक अपनी पढ़ाई में हमेशा टॉपर रही। मगर इसके बाद जब से साइंस स्ट्रीम ली है मेरा प्रदर्शन लगातार गिर रहा है। मैं माता-पिता की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर पा रही हूं।

मेरा किसी से प्रेम प्रसंग नहीं है। चाहे तो मेरे मोबाइल की जांच कर सकते हैं, जो कुछ समय पहले ही मुझे दिया गया है।

पढ़ाई में सफल नहीं हो पाने से यह कदम उठा रही हूं। मम्मी-पापा मुझे इसके लिए माफ कर देना’ हिमाली ने अपने सुसाइड नोट में ये बातें लिखी हैं।
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10वीं टॉप पर 11वीं से आई थी गिरावट

पुलिस के अनुसार, हिमाली 10वीं कक्षा तक अपनी कक्षा में पहले, दूसरे या तीसरे स्थान पर आती थी। मगर 11वीं कक्षा में उसका प्रदर्शन गिरा था, जिसके बाद से वह पढ़ाई के दबाव में थी।

स्कूल से आते ही वह होमवर्क और अन्य पढ़ाई के साथ एंट्रेस एग्जाम की तैयारी में जुट जाती थी। जी-जान से मेहनत के बाद भी जब सफलता नहीं मिली तो उसने मौत को गले लगा लिया।

मनोचिकित्सक डा. रश्मि जोशी ने बताया कि प्रतियोगिता वादी युग में अभिभावक अक्सर अपने बच्चे को टॉपर देखना चाहते हैं। इस दौरान वे उसकी रुचि और उसकी क्षमता को नजरअंदाज कर देते हैं।
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