मोबाइल चलाने पर मां ने किशोरी को डांटा। इसके बाद किशोरी ने अपने परिवार को छोड़ दिया। किशोरी अपनी रिश्ते की मौसी के घर पहुंची। मौसी ने भी उसे छिपाकर रखा। कई दिनों की मशक्कत के बाद अपराध शाखा ने 15 साल की किशोरी को गुजरात के अहमदाबाद से सकुशल बरामद कर लिया। इसके बाद उसे दिल्ली लाया गया।
यहां जेजे बोर्ड में पेश कर उसे शेल्टर होम भेज दिया गया। औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे परिवार के हवाले कर दिया जाएगा। पुलिस मामले में बाकी आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। जांच के बाद उनके खिलाफ भी एक्शन लिया जा सकता है। अपराध शाखा की टीम मामले की जांच में जुटी है।
अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त विक्रम सिंह ने बताया कि अमर कालोनी निवासी एक परिवार ने छह फरवरी को अपनी 15 साल की बेटी के गायब होने की खबर दी थी। लोकल पुलिस के अलावा अपराध शाखा की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने भी पड़ताल शुरू की। इंस्पेक्टर विरेंद्र कुमार व अन्यों की टीम का गठन किया गया।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि किशोरी अपनी मां का मोबाइल अपने साथ ले गई है। पुलिस ने सीसीडीआर दिखवाया। इसके अलावा 20 मोबाइल नंबर की पड़ताल हुई। इसके बाद किशोरी की लोकेशन अहमदाबाद गुजरात की मिली। एक टीम को फौरन वहां रवाना कर दिया गया। टीम ने आठ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद किशोरी को ढूंढ निकाला।
छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि किशोरी को परिजनों ने गोदा लिया था। आठवीं कक्षा के बाद उसने पढ़ाई छोड़ दी थी। अभी वह मां का मोबाइल चलाती थी। इस बात पर मां ने डांटा। दूसरी ओर मां की चचेरे बहन से धोखे से किशोरी को बुला लिया। पुलिस पीड़िता की चचेरी बहन से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।