प्रमोद तिवारी, कांग्रेस नेता
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दरअसल कांग्रेस के संविधान के मुताबिक हाल में महाधिवेशन के लिए बनाई गई 34 सदस्रयों वाली संचालन समिति का कार्यकाल भी अधिवेशन के साथ उसी दिन समाप्त हो गया। लिहाजा नई कार्यसमिति के गठन और सभी पुराने पदाधिकारियों, प्रदेश कार्यकारिणी आदि नई नियुक्ति और नोटिफिकेशन होने तक स्वत: निष्क्रिय मानी जाती है।
लिहाजा तकनीकी तौर पर नई घोषणा के बाद ही अधिकृत तौर पर किसी को प्रदेश अध्यक्ष और पदाधिकारी माना जाएगा।
राज बब्बर ने नहीं दिया इस्तीफा : प्रमोद तिवारी
कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राज बब्बर ने अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया है। यह पूछे जाने पर क्या पार्टी हाईकमान जल्द ही यूपी में अध्यक्ष पद पर किसी अन्य नेता की नियुक्ति करेगा, तिवारी ने कहा कि अभी इस पद के लिए वैकेंसी ही नहीं है।
मीडिया में आईं इस तरह की खबरें पूरी तरह से निराधार हैं। उन्होंने कहा कि राज बब्बर पहले की तरह ही अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाले हुए हैं। इसके साथ ही उन्होने कहा, भाजपा ने एससी-एसटी एक्ट के मामले में सुप्रीम कोर्ट में ढंग से पैरवी नहीं की, जिसके चलते कोर्ट का ऐसा फैसला आया।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने अनुसूचित जाति व जनजाति के उत्पीड़न करने वालों को बचाने के लिए यह षड्यंत्र रचा। इससे उनके उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ेंगी। ब्यूरो