राजभर की तरह उन्होंने भी पार्टी नेताओं को प्रशासन द्वारा तवज्जो न दिए जाने की शिकायत की और राज्य के आधे जिलों में एसपी-डीएम और थानों में नियुक्ति में ओबीसी और दलित बिरादरी को जगह देने की मांग की।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि गोरखपुर-फूलपुर उपचुनाव के प्रतिकूल नतीजे और सपा-बसपा के साथ से बदली परिस्थितियों में नई रणनीति अपनाने का तानाबाना बुना जा रहा है। इसका सबसे पहला असर योगी मंत्रिमंडल के पहले विस्तार में दिखेगा।
शाह के लखनऊ प्रवास के बाद होने वाले विस्तार में कई मंत्रियों की छुट्टी होगी। सपा-बसपा की काट के लिए जातिगत खांचे में फिट बैठने वाले नए चेहरों को मौका दिया जाएगा। इसी प्रकार संगठन में भी बेहतर चेहरों को शामिल किए जाने की योजना है।