गाजियाबाद। काली कमाई से कुबेर बने यादव सिंह की काली करतूतों का खुलासा उसके ही करीबी करेंगे। सीबीआई ने ऐसी रणनीति तैयार कर ली है। दरअसल यादव सिंह प्रकरण में सीबीआई अपने गवाहों की सूची में ऐसे ही लोगों के नाम डलाने की तैयारी कर रही है, जोकि कभी यादव सिंह के खास हुआ करते थे।
इन लोगों को यादव सिंह के बारे में पूरी जानकारी है कि उसने रिश्वत की रकम को कहां और कैसे प्रयोग किया। सूत्रों की माने तो इनमें से कई लोग गवाही के लिए तैयार भी हो गए हैं।
नोएडा में हुए करोड़ों के टेंडर घोटाले में सीबीआई एक चार्जशीट कोर्ट में पेश कर चुकी है।
इसमें यादव सिंह के साथ ही उसके कई अधीनस्थ अधिकारियों, ठेकेदारों और उनकी पत्नी कुसुमलता को भी आरोपी बनाया गया है। ज्यादातर आरोपी फिलहाल डासना जेल में बंद हैं। हालांकि यादव सिंह की पत्नी कुसुमलता और एक ठेकेदार अभी फरार चल रहे हैं। उनकी फरारी के चलते केस की कार्रवाई विगत कई तारीखों से अटकी हुई है।
सीबीआई अब इस मामले में ऐसे गवाहों की लिस्ट तैयार कर रही है, जोकि कोर्ट में यादव सिंह के काले कारनामों का चिट्ठा उजागर कर सकें। सूत्रों की माने तो सीबीआई के हाथ एक ऐसा गवाह लग गया है जोकि यादव सिंह परिवार के बहुत से राज जानता है।
रिश्वत के काले धन को यादव सिंह ने किस प्रकार व्हाइट मनी में बदलने का प्रयास किया था, इसकी भी पुख्ता जानकारी गवाह के पास है। पता यह भी चला है कि यादव सिंह के इस करीबी को सीबीआई ने पहले आरोपियों वाली सूची में रखा था।
इसी के चलते उसकी चल-असल संपत्ति की भी जांच कराई गई थी। प्रदेश भर में उसकी और उसके परिवार की संपत्ति का ब्यौरा भी खंगाला गया था। गाजियाबाद के टीएचए में उसकी तीन संपत्तियां मिली भी थीं, मगर अब सीबीआई ने उसे अपनी सरकारी गवाह की सूची में शामिल किया है। ऐसे ही कुछ अन्य करीबियों पर भी सीबीआई की नजर है। आने वाले दिनों में सीबीआई इन लोगों को गवाह के रूप में कोर्ट में पेश कर सकती है।