गाजियाबाद। नेहरू नगर सेकंड जैसे पॉश इलाके में जर्जर और नीचे से पूरी तरह गल चुके लोहे के बिजली के खंभे हादसों को खुला न्योता दे रहे हैं। कई खंभे अत्यधिक तिरछे होकर मकानों, रास्तों की तरफ झुक चुके हैं, जिन्हें गिरने से रोकने के लिए एक-दूसरे के सहारे अटकाया गया है। यह स्थिति तब है जब जिले में 2025-26 का 250 करोड़ से अधिक का बिजनेस प्लान तैयार कर काम चल रहा है और अनुरक्षण माह भी मनाया जा रहा है। इसके बावजूद दावों का असर धरातल पर दिखाई नहीं दे रहा है।
ऊर्जा निगम की ओर से पुराने खंभों को बदलने और ढीली लाइनों को टाइट करने की बात लगातार कही जाती है, लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल उलट नजर आती है। स्थानीय नागरिक लंबे समय से जर्जर व्यवस्था के बीच रहने को मजबूर हैं।
अफसरों के दफ्तर चंद कदम दूर, फिर भी नहीं जा रहा ध्यान
ऊर्जा निगम की इस उदासीनता और घोर लापरवाही को लेकर नेहरू नगर सेकंड के निवासियों में आक्रोश व्याप्त है। सबसे खास और हैरान करने वाली बात यह है कि इस इलाके से अधीक्षण अभियंता अनिल कुमार सिंह का कार्यालय महज 150 मीटर की दूरी पर स्थित है। वहीं एसडीओ और अधिशासी अभियंता (एक्सएन) का दफ्तर 100 से 150 मीटर और मुख्य अभियंता (चीफ इंजीनियर) का कार्यालय भी यहां से मात्र 300 मीटर की दूरी पर है। इतने समीप दफ्तर होने के बावजूद इस गंभीर और जानलेवा समस्या पर किसी भी जिम्मेदार अधिकारी का ध्यान नहीं जा रहा है।
शिकायतों का असर नहीं, स्थानीय लोगों में गुस्सा
क्षेत्रीय नागरिक लगातार इस समस्या की लिखित और मौखिक शिकायतें संबंधित अधिकारियों से दर्ज करा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकाला जा सका है। स्थानीय निवासी नरेश कुमार ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि जर्जर और नीचे से गल चुके खंभों के कारण इलाके में हर वक्त किसी अनहोनी और बड़े हादसे का डर बना रहता है। ऊर्जा निगम के तमाम बड़े अधिकारियों के दफ्तर बिल्कुल पास होने के बावजूद कोई भी हमारी सुध लेने वाला नहीं है। अधिकारी लगातार इस गंभीर समस्या को नजरअंदाज कर रहे हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि निगम के अधिकारी किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं।
अनिल कुमार सिंह, अधीक्षण अभियंता,जोन-1 ने बताया कि मामला मेरे संज्ञान में आया है। तिरछे हुए खंभों को तत्काल सीधा कराने का काम शुरू किया जाएगा। इसके अलावा जो पोल नीचे से गल चुके हैं या अत्यधिक जर्जर हो चुके हैं, उन्हें जल्द से जल्द बदलने और दुरुस्त कराने की त्वरित कार्रवाई की जाएगी।