आने वाले समय में पानी पीने के लिए आपको पहले से ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ेगी। भविष्य में केंद्र सरकार के फंड से बनने वाली वाटर स्कीम में कनेक्शन के साथ-साथ आपको वाटर मीटर भी लगवाना होगा।
गाजियाबाद में एनएच-58 से सटी कालोनियों के लिए प्रस्तावित सीएचए पार्ट-2 वाटर सप्लाई स्कीम में वाटर मीटर लगाना अनिवार्य किया गया है। योजना पूरी होने पर वाटर मीटर के साथ ही कनेक्शन जारी किए जाएंगे।
दरअसल, शहर में कामर्शियल संस्थानों में पानी का इस्तेमाल तो ज्यादा होता है, लेकिन उनसे भी वाटर यूजर चार्ज नहीं लिया जा रहा है। यही वजह है कि नगर निगम पानी की आपूर्ति पर सालाना जितना खर्च करता है उससे करीब 40 फीसदी ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है।
अब केंद्र सरकार ने ही अपनी वाटर सप्लाई स्कीम में मीटर अनिवार्य कर दिया है। गाजियाबाद में सीएचए-पार्ट वन और पार्ट-टू पहली ऐसी स्कीम होगी, जिनमें कनेक्शन के साथ ही मीटर भी लगाए जाएंगे।
जितना पानी लेंगे उतना देना होगा बिल
नगर निगम ने शहर में वाटर यूजर चार्ज वसूलने की तैयारी कर ली है। निगम अधिकारियों ने यूजर चार्ज की दरें तय कर प्रस्ताव बोर्ड बैठक में रखा था। पार्षदों ने रेजिडेंशियल बिल्डिंग पर यूजर चार्ज लगाने से इंकार कर पहले चरण में इसे कामर्शियल बिल्डिंग से वसूलने का प्रस्ताव पास किया था। हालांकि फिलहाल यह प्रस्ताव शहर में लागू नहीं हुआ है, लेकिन इसके लागू हो जाने से कामर्शियल बिल्डिंग के मालिकों को पानी इस्तेमाल के हिसाब से बिल चुकाना होगा।
जल निगम लगाएगा नि:शुल्क मीटर
शहर में बनने वाली पानी की नई योजनाओं में वाटर मीटर लगाने की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था जल निगम की होगी। अधिकारियों के मुताबिक इस बार केंद्र सरकार ने वाटर कनेक्शन भी फ्री कर दिए हैं। ऐसे में वाटर मीटर भी नि:शुल्क लगाए जाएंगे। पानी की योजनाओं में ही इसके लिए फंड का इंतजाम कर लिया जाएगा।
अधिकारी बोले
केंद्र सरकार के फंड से बनने वाली वाटर सप्लाई स्कीम में वाटर मीटर अनिवार्य किए गए हैं। सीएचए पार्ट-1 में करीब 12 हजार और सीएचए पार्ट-2 में शत प्रतिशत कनेक्शनों पर मीटर लगाए जाएंगे। हालांकि यूजर चार्ज लेना है या नहीं यह नगर निगम को तय करना होगा। - पीके अग्रवाल, अधिशासी अभियंता, जल निगम