कक्षा समाप्त होने के बाद वह हॉस्टल में पहुंचे तो अंदर से दरवाजा बंद था, और कई बार दरवाजा बजाया, लेकिन दरवाजा नहीं खोला। जिसके चलते उसने कमरे की खिड़की से अंदर जाकर देखा तो उनका भाई फांसी पर लटका हुआ था। कमरे में अंदर जाने के बाद उन्होंने दरवाजा खोलकर शोर मचाया। सूचना पर पहुंचे स्कूल के स्टाफ व पुलिस ने शव को फंदे से उतारकर अस्पताल ले गए, लेकिन चिकित्सकों ने अजीम को मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने पुलिस से शव का पोस्टमार्टम नहीं कराने की मांग की, लेकिन सीओ के निर्देश पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पिछले साल लिया था स्कूल में प्रवेश
विद्यालय की प्रधानाचार्या नीना चतुर्वेदी ने बताया कि मृतक छात्र अजीम ने पिछले साल ही जेपी विद्या मंदिर सिटी कैंपस में अपने भाई के साथ प्रवेश लिया था। विद्यालय का बस चालक इश्तियाक मृतक छात्र का रिश्तेदार है। इश्तियाक ही मृतक एवं उसके भाई की देखभाल भी करता था। अभी एक सप्ताह पहले ही मृतक के परिजन उनसे मिलने के लिए हॉस्टल आए थे। आज सुबह मृतक छात्र ने परिजनों से घर आने के लिए बोला था। समाचार लिखे जाने तक परिजनों ने मामले में शिकायत नहीं दी। कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है।
शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। बेडशीट से फंदा लगाकर छात्र ने आत्महत्या की है। अभी तक कोई शिकायत नहीं दी गई है। शिकायत के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। - गिरिजा शंकर त्रिपाठी, सीओ