निगम के 1700 छोटे डस्टबिन तो विवादों में हैं ही, बड़े कूड़ेदान भी चर्चाओं में हैं। निगम ने 1100 लीटर क्षमता के 400 बड़े कूड़ेदान खरीदकर गोदाम में बंद कर दिए हैं। इन्हें लिफ्ट करने वाली निगम की गाड़ियां अभी सड़कों पर नहीं उतर पायी हैं। ऐसे में शहर का कूड़ा सड़कों पर फैल रहा है और कूड़ेदान गोदाम में धूल फांक रहे हैं।
नगर निगम ने 16400 रुपये के हिसाब से 400 कूड़ेदान पर 65.60 लाख रुपये खर्च किए थे। इन्हें उठाने के लिए 1.33 करोड़ रुपये की पांच आरसी (रिफ्यूज कांपेक्टर) ट्रक भी खरीदे गए। पहले तो निगम को इन वाहनों का इंतजार था।
अब निगम को आरसी वाहन भी मिल गए हैं, लेकिन आरटीओ कार्यालय में इनका रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है। ऐसे में न तो गोदाम से कूड़ेदान निकल पाए हैं और न ही गैराज से आरसी वाहन। स्वच्छ गाजियाबाद अभियान को पलीता लग रहा है।
उधर, निगम अफसरों का कहना है कि अभी कूड़ेदान रखने के लिए स्थानों को चिह्नित किया जा रहा है। 400 स्थानों का चयन करने के बाद इन्हें रखवाया जाएगा।