उन्होंने वहां मस्जिद न बनाकर मंदिर तोड़े और उसी जगह मस्जिद बनाई, ऐसे में हम यह कह नहीं सकते कि सभी का डीएनए एक है। अपने भाषण को विज्ञान की दृष्टि से भी सही करार देते हुए उन्होंने कहा कि डीएनए तो अलग ही होता है तभी तो डॉक्टर भी इसके जरिए पिता-पुत्र की पहचान बता देते हैं।
बता दें कि शनिवार रात विजयदशमी के मौके पर वह राजनगर की रामलीला में पहुंचे थे और मंच से भाषण देते हुए सभी को अपने बच्चों ने हिंदुत्व जगाने की बात कही।