उत्तर प्रदेश की जनता मन बना चुकी है, यहां से कोई सरप्राइज नहीं आने वाला है। असली सरप्राइज गुजरात से आएगा, यूपी के बाद चुनाव वहां हैं, गाजियाबाद में सपा-रालोद गठबंधन की संयुक्त पत्रकार वार्ता के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के तेवर भाजपा पर तल्ख दिखे। उन्होंने कहा कि प्रदेश से भाजपा का राजनीतिक पलायन तय है। रालोद प्रमुख जयंत चौधरी ने प्रदेश के विकास में पश्चिम यूपी का बड़ा योगदान बताया।
प्रेसवार्ता के दौरान बोलते हुए जयंत चौधरी ने कहा, प्रदेश में रोजगार मांगा तो युवाओं को लाठी मिली। किसानों का अपमान किया गया। गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों को अपमानित किया गया। भाजपा से लोनी विधायक किसानों को अपमानित करने पहुंचे। इसका हिसाब चुनाव में जनता करेगी।
जयंत चौधरी ने कहा कि आज से एक साल पहले यहां से कुछ दूर गाजीपुर बॉर्डर पर जो किसानों ने देखा महसूस किया, वो किसानों का अपमान है। पूरे देश के किसानों का अपमान है। लोनी विधायक की मंशा किसान आंदोलन में भूल नहीं सकते।
अखिलेश और जयंत की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बीच खबर आ रही थी स्थानीय नेता आपस में भिड़ गए लेकिन ऐसा नहीं हुआ था। नेता भिड़े नहीं थे, बल्कि प्रेसवार्ता के लिए चुनिंदा नेताओं को बुलाया गया था लेकिन धौलाना के प्रत्याशी असलम चौधरी व अन्य प्रत्याशियों के समर्थकों की जबरदस्त भीड़ उमड़ पड़ी तो उन्हें गेट पर रोक दिया गया था। अखिलेश यादव और जयंत चौधरी जब प्रेस वार्ता करके बाहर निकले तो पूरी भीड़ उमड़ पड़ी और समर्थकों के बीच मामूली धक्का-मुक्की हुई।