गत दो जून की रात करीब साढ़े आठ बजे दो संदिग्ध डासना देवी मंदिर में घुसे थे। गेट पर दोनों ने अपने नाम नागपुर निवासी विपुल विजयवर्गीय तथा काशी गुप्ता लिखवाए थे। बाद में काशी गुप्ता नाम का युवक संजयनगर निवासी कासिफ निकला। पूछताछ में पता चला कि विपुल कासिफ का जीजा है।
डेढ़ साल पहले ही विपुल ने उसकी बहन आयशा से शादी की थी। आरोपियों के बैग से सर्जिकल ब्लेड, वैक्यूम थेरेपी में काम आने वाली मशीन, धार्मिक पुस्तकें व ग्रंथ बरामद हुए थे। विपुल ने बताया था कि वह शास्त्रार्थ करने के लिए महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती से मिलने आया था। वहीं, महंत ने हत्या के लिए आने का आरोप लगाया था।
सलीमुद्दीन ने विपुल को कासिफ के साथ भेजा था मंदिर
नागपुर निवासी विपुल विजयवर्गीय को डासना देवी मंदिर में जाने के लिए उसके विजयनगर सेक्टर-12 निवासी गुरु सलीमुद्दीन ने उकसाया था। रिमांड के दौरान विपुल व उसके साले कासिफ से पूछताछ में यह बात सामने आने के बाद मसूरी पुलिस ने बीते शुक्रवार को सलीमुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया। सलीमुद्दीन ने विपुल को उर्दू की तालीम दी थी और पैरा मेडिकल की पढ़ाई भी कराई थी। साथ ही पूछताछ में यह भी सामने आया कि सलीमुद्दीन ने ही विपुल को कासिफ के साथ डासना देवी मंदिर जाने के लिए उकसाया था।