साहिबाबाद। साहिबाबाद से मथुरा के लिए चलाई गई चार बसों में से दो बसें खराब हो चुकी हैं। अभी एक माह भी यह बसें ठीक से नहीं चल सकीं थी। मरम्मत के लिए इन्हें साहिबाबाद डिपो पर खड़ा किया गया है। सभी बसों का संचालन अक्तूबर में ही शुरू हुआ था।
जुलाई-अगस्त में मुख्यालय से गाजियाबाद को 38 ई-बसें मिली थीं। सभी बसों को 200 किमी. के दायरे में चलाया जाना था। लंबे समय से खड़ी ई-बसें चार्जिंग प्वाइंट न बनाए जाने की वजह से डिपो पर खड़ी ही रही थी। इनमें से चार बसों को मथुरा के लिए गत माह ही चलाया गया था। बसें नोएडा डिपो से सवारी को बैठाती है और मथुरा ले जाती है। चारों बसें साहिबाबाद डिपो से सेक्टर-62 होते हुए नोएडा पहुंचती है। डिपो पर सर्विस के लिए दोनों बसें खड़ी हैं।
साहिबाबाद एआरएम राजेश कुमार ने बताया कि एक बस तो दो-चार रोटेशन के बाद ही खराब हो गई थी। दूसरे पिछले एक हफ्ते से खराब है। फरीदाबाद की टेक्निकल टीम की देखरेख में दोनों बसों का मरम्मत कार्य जारी है। ये दोनों बसे चार्जिंग के लिए नोएडा पर आश्रित थी। बताया कि बसों को दिखवाया जा रहा है ठीक होते ही जल्द रूट पर उतारा जाएगा।
नए चार्जिंग प्वाइंट में भी आई तकनीकी खराबी
उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की ई-बस परियोजना में एक-एक करके परेशानियां सामने आ रही हैं। पहले यहां पर चार्जिंग प्वाइंट नहीं होने के कारण ई-बसें शुरू नहीं हो पा रही थीं। अब यहां नए चार्जिंग प्वाइंट में तकनीकी खराबी आ चुकी है। स्विच मोबाइल कंपनी को एक अपॉर्च्युनिटी चार्जर लगाने की जिम्मेदारी साहिबाबाद डिपो के अंदर ही दी गई है। जब तक यह चार्जर ठीक नहीं होगा उत्तराखंड रूट पर ई बसें शुरू नहीं हो पाएंगी। देहरादून और हरिद्वार रूट के लिए ई-बसों को शुरू किया जाना है। साहिबाबाद डिपो के एआरएम राजेश कुमार ने बताया कि जिस कंपनी को चर्जिंग प्वाइंट लगाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है उसकी टीम इसे ठीक करने की कोशिश कर रही है। इसे ठीक होने में एक दो दिन लगेंगे।