प्रदेश में मुख्यमंत्री पद के लिए महंत आदित्यनाथ का नाम तय होने के बाद अब उनके मंत्रीमंडल को लेकर भी चर्चाओं का बाजार गर्माने लगा है। गाजियाबाद से भी कई विधायक उनके मंत्रीमंडल में जगह पाने के लिए जुगत लगा रहे हैं। लालबत्ती की रेस में जिले के दो विधायकों के नाम सबसे आगे हैं।
इस रेस में सबसे आगे साहिबाबाद के विधायक सुनील शर्मा को माना जा रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह संघ से उनके बेहतर रिश्तों और प्रदेश में सबसे बड़ी जीत भाजपा के नाम कराना भी माना जा रहा है। संघ से बेहतर रिश्तों की वजह से उन्हें पहली बार 2007 में टिकट देकर चुनाव मैदान में उतार दिया गया था।
रेस में दूसरा नाम मोदीनगर की विधायक डॉ. मंजू शिवाच का माना जा रहा है। मंजू शिवाच भी संघ में अच्छी पकड़ रखती हैं। 21 साल बाद मोदीनगर में कोई महिला विधायक बनी हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक उनकी दावेदारी भी मजबूत है। हालांकि शहर विधायक अतुल गर्ग भी लालबत्ती की दौड़ में अन्य विधायकों को कड़ी चुनौती दे रहे हैं।
मुरादनगर विधायक अजीत पाल त्यागी भी पिता की मंत्री पद के सीक्वल को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। उनके पिता राजपाल त्यागी कई बार यूपी में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। खुद अजीत पाल त्यागी जिला पंचायत अध्यक्ष बनकर लालबत्ती का रुतबा हासिल कर चुके हैं।
लोनी विधायक नंद किशोर गुर्जर भी मंत्रीमंडल में शामिल होने की जुगत में हैं। लोनी में पहली बार भाजपा का परचम लहराकर वह भी खासी चर्चाओं में है। उनके जीतने पर पाकिस्तान से गुर्जर समाज ने बधाई दी है।