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ट्यूबवेल और हैंडपपों के री-बोरिंग में ‘खेल’

Mon, 18 Apr 2016 12:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
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हैंडपंप - फोटो : अमर उजाला
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नगर निगम में ट्यूबवेल और हैंडपंपों की री-बोरिंग में भी ‘खेल’ किया जा रहा है। नए और पुराने हैंडपंप की री-बोरिंग में कम लंबाई के पाइप डाले जा रहे हैं। जलकल अफसरों और ठेकेदारों की मिलीभगत से हो रहे इस ‘घोटाले’ से एक साल बाद ही शहर के सैकड़ों हैंडपंप और छोटे ट्यूबवेल सूख गए हैं। अब फिर इन हैंडपंपों और ट्यूबवेल को री-बोर करने के नाम पर मोटी रकम खर्च की जाएगी।   
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बता दें कि नगर निगम हैंडपंप लगाने के लिए 180 फीट बोरिंग कराता है। इसमें 160 फीट लंबी पाइप डाली जानी चाहिए। निगम सूत्रों की मानें तो फिलहाल शहर में सिर्फ 100 से 120 फीट लंबे पाइप डाले जा रहे हैं। ऐसे में जलस्तर में थोड़ी सी भी गिरावट पर हैंडपंप फेल हो जाते हैं। इसी तरह छोटे नलकूपों (10 एचपी) में भी कम लंबाई के पाइप डाले जा रहे हैं। फिर मेंटेनेंस और री-बोरिंग के नाम पर ठेकेदारों को काम दिया जाता है। इस खेल से निगम को आर्थिक नुकसान पहुंचाया जा रहा है।

शहर की हर कालोनी में खराब हैं हैंडपंप
वार्ड-2 में बीते साल निगम ने छह हैंडपंप री-बोर कराए थे। इनमें से चार हैंडपंप एक साल बाद ही फेल हो गए हैं। वर्ष 2015 में 2.80 लाख की लागत से 10 एचपी का नलकूप भी फेल हो चुका है। कम लंबाई के पाइप डाले जाने और इसकी वजह से हैंडपंप खराब होने की यह कहानी सभी कालोनियों की है।
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कैलाभट्टा, सैन विहार, शांति नगर, भीम नगर, संजय नगर, अशोक नगर, नेहरू नगर, मालीवाड़ा, शालीमार गार्डन, लाजपत नगर, राजेंद्र नगर समेत तमाम कालोनियों में यही खेल चल रहा है। निगम अफसरों के मुताबिक फिलहाल शहर में 550 से ज्यादा हैंडपंप खराब हैं। यह मामला 7 अप्रैल हो हुई कार्यकारिणी समिति की बैठक में भी जोर-शोर से गूंजा था।

मेरे वार्ड में एक साल पहले लगाए गए हैंडपंप और 10 एचपी का ट्यूबवेल खराब हो गया है। ठेकेदार मानकों के मुताबिक पाइप नहीं डाल रहे हैं। नगर निगम के पैसों का दुरुपयोग हो रहा है। महापौर से इसकी शिकायत की गई है। - कुलदीप कुमार, पार्षद वार्ड नंबर 2

वार्ड-23 में पाइप लाइन से पानी की आपूर्ति नहीं है। निगम की ओर से जो हैंडपंप लगाए जा रहे हैं। उनमें बड़ा खेल किया जा रहा है। एक साल में ही हैंडपंप खराब हो रहे हैं। - नरेश जाटव, पार्षद वार्ड नंबर 23

कैला भट्टा में री-बोर किए गए हैंडपंप 6 महीने में ही गंदा पानी देने लगे हैं। 10 एचपी के पंप खराब हो गए हैं। इनकी जांच कराई जाएगी कम पाइप डालकर निगम के पैसों को बर्बाद किया जा रहा है। - जाकिर सैफी, पार्षद वार्ड नंबर 74

पाइप कम डाले जाने की शिकायत कई जगह से मिली है। निगम अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कम से कम 200 फीट पर हैंडपंप की बोरिंग की जाएगी। पार्षदों की मौजूदगी में पाइप डाले जाएंगे। एक साल में हैंडपंप खराब फेल हुआ तो संबंधित ठेकेदार की जिम्मेदारी होगी। - अशु वर्मा, महापौर
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