डेंगू-चिकनगुनिया के मद्देनजर रेलवे 23 सितंबर से मॉस्किटो टर्मिनेटर ट्रेन चलाएगी। दक्षिणी दिल्ली एमसीडी के साथ मिलकर रेलवे ट्रैक के किनारे पनपने वाले मच्छरों के लार्वा को खत्म करेगी। मॉस्किटो टर्मिनेटर ट्रेन प्रतिदिन डेढ़ सौ किलोमीटर तक मच्छरों का सफाया करेगी।
उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी नीरज शर्मा ने बताया कि आमतौर पर बारिश खत्म होने के कुछ दिनों बाद इस ड्राइव को हर साल चलाया जाता है। इस ट्रेन से पावर स्प्रेयर से कीटनाशक का छिड़काव किया जाएगा। 15 अक्तूबर तक राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के रेलवे ट्रैक के किनारे 50-60 मीटर तक की दूरी वाले जलभराव वाले क्षेत्रों में पनप रहे मच्छरों पर कीटनाशक छिड़का जाएगा।
यह ट्रेन दिल्ली रिंग रेलवे के स्टेशन हजरत निजामुद्दीन, लाजपतनगर, सेवा नगर, लोधी कॉलोनी, सफदरजंग, पटेल नगर, किशनगंज, दयाबस्ती से होते हुए नई दिल्ली रेलवे स्टेशन तक चलेगी। अधिक मच्छर पैदा होने वाले मौसम में प्रत्येक सप्ताह में दो बार कीटनाशक का छिड़काव किया जाएगा।
बता दें कि रेलवे ट्रैक के किनारे बड़ी संख्या में झुग्गियां है। झुग्गी बस्तियों में गंदगी का अंबार लगा रहता है। रेलवे ट्रैक पर ही झुग्गी का कूड़ा फेंका जाता है। इसके अलावा रेलवे ट्रैक के निर्माण के कारण कई जगहों पर गड्ढे व ट्रैक के आसपास बहते नाले में मच्छर पनपते हैं।
इसकी वजह से ट्रैक के किनारे रहने वाले रेलकर्मियों का भी स्वास्थ्य बिगड़ जाता है। साथ ही इधर से गुजरने वाली ट्रेनों में भी मच्छर यात्रियों को परेशान करते हैं।